Strait of Hormuz Update: ट्रंप ने 7 देशों से मांगे युद्धपोत, तेल की सुरक्षा के लिए नया गठबंधन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब सात देशों से Strait of Hormuz में अपने युद्धपोत तैनात करने की मांग की है. ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच दुनिया भर में तेल की सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. ट्रंप ने कहा है कि इन देशों को अपने व्यापार की रक्षा खुद करनी चाहिए. इस समुद्री रास्ते से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है.
किन देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की गई है?
अमेरिका फिलहाल कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है और जल्द ही एक बहुराष्ट्रीय गठबंधन की घोषणा हो सकती है. ट्रंप ने मुख्य रूप से उन देशों का नाम लिया है जो इस समुद्री रास्ते पर सबसे ज्यादा निर्भर हैं.
- China
- France
- Japan
- South Korea
- United Kingdom
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका इस रास्ते से केवल 1 प्रतिशत तेल लेता है, जबकि चीन का 90 प्रतिशत तेल यहीं से आता है. वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इसी हफ्ते इस नए गठबंधन की आधिकारिक घोषणा हो सकती है.
ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान ने इस रास्ते को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप की इस मांग पर कड़ा जवाब दिया है. उनका कहना है कि कई देशों ने सुरक्षित मार्ग के लिए उनसे संपर्क किया है, लेकिन इसका फैसला उनकी सेना करेगी. वहीं जर्मनी और जापान जैसे देशों ने इस प्रस्ताव पर संदेह जताया है और युद्धपोत भेजने में अपनी मुश्किलें बताई हैं.
कच्चे तेल की कीमतों पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz में व्यापार बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है. अमेरिका की ओर से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा और राजनीतिक जोखिम बीमा देने की बात कही गई है. अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद है कि गठबंधन बनने और सप्लाई चालू होने के बाद कुछ ही हफ्तों में तेल की कीमतें नीचे आ जाएंगी.




