Trump का ईरान को बड़ा अल्टीमेटम, परमाणु हथियार कभी नहीं मिलेंगे, अब इस्लामाबाद में होगी बड़ी बैठक
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर अपनी सख्त चेतावनी दोहराई है. उन्होंने साफ़ कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए 2 हफ्ते का एक कच्चा समझौता हुआ है, जिसके बाद अब बातचीत का दौर शुरू होगा.
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Trump और ईरान के बीच अब क्या डील हुई है?
Donald Trump ने ईरान के साथ 2 हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमति जताई है. इस डील की मुख्य शर्त यह है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलना होगा ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे. अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि जब तक कोई असली समझौता नहीं हो जाता, उसकी सेना ईरान और उसके आसपास तैनात रहेगी.
अमेरिका ने ईरान के सामने कौन सी शर्तें रखी हैं?
अमेरिका ने ईरान के लिए कुछ बहुत सख्त शर्तें रखी हैं ताकि भविष्य में परमाणु खतरा खत्म हो सके. इन शर्तों में परमाणु केंद्रों को नष्ट करना और यूरेनियम बनाना बंद करना शामिल है. मुख्य मांगों की जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| मुख्य शर्त | विवरण |
|---|---|
| परमाणु क्षमता | ईरान को अपनी परमाणु क्षमता पूरी तरह खत्म करनी होगी |
| यूरेनियम | ईरान की जमीन पर यूरेनियम बनाना पूरी तरह बंद होगा |
| IAEA को सौंपना | मटेरियल को इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को देना होगा |
| केंद्रों की तबाही | नतنز, इस्फ़हान और फ़ोर्डो जैसे केंद्रों को नष्ट करना होगा |
| सैन्य मौजूदगी | अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी |
| जलमार्ग | होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रखना होगा |
बातचीत के लिए अब कहाँ होगी मुलाकात?
पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता खुला है. दोनों देशों के प्रतिनिधि 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में मिलेंगे. इस बैठक में युद्ध को स्थायी रूप से रोकने और प्रतिबंधों को हटाने पर चर्चा होगी. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर इस समझौते का उल्लंघन हुआ, तो अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला किया जाएगा.




