ट्रम्प ने ईरान को दी तेल ठिकानों पर हमले की धमकी, पेट्रोल और डीज़ल के दाम में भारी उछाल, $110 के पार पहुंचा कच्चा तेल
डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के तेल बाज़ार में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने साफ़ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका उसके बिजली घरों और तेल ठिकानों पर हमला करेगा। इस विवाद के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 1.4 प्रतिशत की तेज़ी आई है और ब्रेंट क्रूड अब 110.60 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान की नई शर्तें
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान रास्ता साफ़ नहीं करता है, तो उसके ऊर्जा केंद्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी शर्तें रख दी हैं। ईरान का कहना है कि वह रास्ता तभी खोलेगा जब उसे जहाज़ों के आने-जाने के बदले फीस दी जाएगी और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी।
- ईरान ने 28 फरवरी से इस समुद्री रास्ते को काफी हद तक सील कर रखा है।
- पिछले 24 घंटों में यहाँ से सिर्फ 15 जहाज़ ही निकल पाए हैं, जो सामान्य से बहुत कम है।
- ईरान ने साफ़ किया है कि वह केवल उन देशों को रास्ता देगा जो उस पर हमला नहीं कर रहे हैं।
- खाड़ी क्षेत्र में कुवैत और कतर जैसे देशों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें मिली हैं।
तेल की कीमतों और आम जनता पर होने वाला असर
इस समुद्री रास्ते के बंद होने से बाज़ार में तेल की भारी कमी हो गई है। खाड़ी देशों से होने वाली सप्लाई में करीब 1.2 करोड़ बैरल की कमी आई है। इसका सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और दुनिया भर के पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है।
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कच्चे तेल की कीमत | 110.60 डॉलर प्रति बैरल |
| ट्रंप की डेडलाइन | मंगलवार रात 8:00 बजे (Eastern Time) |
| प्रभावित क्षेत्र | कुवैत, कतर, बहरीन और UAE |
| सप्लाई में कमी | 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन |
ईरान के सैन्य कमांड ने भी चेतावनी दी है कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे और भी बड़े पैमाने पर पलटवार करेंगे। इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। ओमान इस संकट को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहा है, जबकि ब्रिटेन और 40 अन्य देश ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश में जुटे हैं।




