UAE राजदूत का भारत में बड़ा बयान, ईरान के हमलों के बाद भी अमीरात सुरक्षित, प्रवासियों को दी राहत
भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने क्षेत्रीय तनाव और ईरान की ओर से किए गए हमलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि ईरान ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन UAE की स्थिति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रण में है. राजदूत ने जोर दिया कि अमीरात ने इस दौरान काफी संयम दिखाया है, लेकिन देश अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार है. यूएई की वायु रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश खतरों को सफलतापूर्वक नाकाम किया है.
ईरान के हमलों और UAE की सुरक्षा को लेकर क्या है ताजा स्थिति?
राजदूत अलशाली ने बताया कि 28 फरवरी 2026 से लेकर 30 मार्च 2026 तक ईरान की ओर से हमलों की एक सीरीज देखी गई है. इन हमलों का मुख्य निशाना नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे हवाई अड्डे, रिहायशी इलाके और ऊर्जा केंद्र थे. हालांकि, यूएई की डिफेंस फोर्सेस ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सटीक कार्रवाई की है. उन्होंने यह भी साफ किया कि देश में बिजली, पानी, अस्पताल और सप्लाई चेन जैसी जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से काम कर रही हैं.
| हमलों का प्रकार | कुल संख्या (30 मार्च 2026 तक) |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 414 |
| ड्रोन हमले | 1,914 |
| क्रूज मिसाइलें | 15 |
| एयर डिफेंस सफलता दर | 93% से अधिक |
भारत की भूमिका और प्रवासियों की सुरक्षा पर राजदूत का भरोसा
राजदूत ने खास तौर पर भारत के साथ अपने संबंधों और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा की है. उनके बयान की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- UAE में रह रहे भारतीय समुदाय के लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जा रहा है.
- भारत की कूटनीतिक भूमिका की सराहना की गई है और उसे वैश्विक संकटों में एक विश्वसनीय भागीदार बताया गया है.
- भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का समर्थन किया है, जिसमें इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है.
- यूएई ने तेहरान में अपना दूतावास पहले ही बंद कर दिया है और अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है.
- संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत यूएई को अपनी आत्मरक्षा और आक्रामकता को रोकने का पूरा कानूनी अधिकार है.




