UAE में फोटो और वीडियो बनाने वालों पर बड़ा एक्शन, होगी जेल और लगेगा भारी जुर्माना
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने एक सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी दुर्घटना स्थल या मिसाइल के मलबे की तस्वीरें और वीडियो बनाना या सोशल मीडिया पर शेयर करना भारी पड़ सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।
किन चीजों पर लगी है रोक?
अटॉर्नी-जनरल ने बताया है कि सुरक्षा से जुड़े किसी भी घटनाक्रम का वीडियो बनाना गैरकानूनी है। अगर कहीं कोई मलबे का टुकड़ा गिरा है या कोई नुकसान हुआ है, तो उसकी फोटो खींचकर WhatsApp, Facebook या अन्य सोशल मीडिया पर डालना अपराध माना जाएगा।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके झूठी खबरें या नकली वीडियो बनाने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि गलत जानकारी फैलाने से लोगों में बेवजह का डर और घबराहट पैदा होती है, जो देश की सुरक्षा के लिए सही नहीं है।
कितना लग सकता है जुर्माना और सजा?
अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। UAE के कानून (Federal Decree-Law No. 34 of 2021) के तहत सजा के कड़े प्रावधान हैं:
- झूठी खबर फैलाने पर: कम से कम 1 साल की जेल और 1 लाख दिरहम (AED) से शुरू होने वाला जुर्माना।
- आपातकालीन स्थिति में: अगर संकट के समय अफवाह फैलाई गई, तो सजा 2 साल की जेल और जुर्माना 2 लाख दिरहम तक बढ़ सकता है।
- निजता का उल्लंघन: बिना अनुमति घटना स्थल की फोटो लेने पर 1.5 लाख से 5 लाख दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन ने वहां रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों से अपील की है कि वे सिर्फ सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। इधर-उधर की बातों में आकर पैनिक न फैलाएं। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि देश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और आम जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है। इसलिए किसी भी अनजान फोटो या वीडियो को फॉरवर्ड करने से बचें ताकि आप किसी कानूनी पचड़े में न पड़ें।





