UAE में साइबर सुरक्षा पर बड़ा एक्शन: हमले का वीडियो शेयर करने पर 2 लाख दिरहम का जुर्माना और जेल
Khaleej Times की रिपोर्ट के अनुसार, UAE में फिलीपींस दूतावास ने जानकारी दी है कि हमले से जुड़े वीडियो शेयर करने के मामले में उनके कुछ नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। UAE सरकार ने सुरक्षा से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड करने और सोशल मीडिया पर डालने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यह मामला वहां काम करने वाले सभी विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक सख्त चेतावनी है।
वीडियो शेयर करने और कमेंट करने पर क्या नियम है
UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ हमद सैफ अल शम्सी ने साफ किया है कि साइबर क्राइम कानून 2021 के तहत ऐसे किसी भी कंटेंट को पब्लिश करना एक गंभीर अपराध है। अगर कोई व्यक्ति हवाई सुरक्षा या मिसाइल से जुड़े असली या फर्जी वीडियो इंटरनेट पर शेयर करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
यह कानून सिर्फ वीडियो बनाने वालों पर ही नहीं बल्कि उन्हें री-शेयर करने वालों पर भी लागू होता है। अगर कोई व्यक्ति वीडियो पर ऐसा कमेंट करता है जिससे आम लोगों के बीच घबराहट या अफवाह फैलती है, तो उसे भी इस कानून के तहत दोषी माना जाएगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
नियम तोड़ने पर कितनी मिलेगी सजा
इस साइबर नियम को तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को भारी सजा का सामना करना पड़ेगा। इसमें जेल से लेकर देश से निकाले जाने तक के प्रावधान शामिल हैं।
- दोषी पाए जाने पर कम से कम एक से दो साल की जेल होगी।
- जुर्माने की रकम 100,000 दिरहम से लेकर 200,000 दिरहम तक हो सकती है।
- विदेशी नागरिकों को सजा काटने के बाद UAE से डिपोर्ट कर दिया जाएगा।
प्रवासियों के लिए प्रशासन का क्या है निर्देश
UAE प्रशासन ने 14 मार्च 2026 को संदिग्धों की तुरंत सुनवाई के आदेश दिए हैं। फिलहाल 10 लोगों से पूछताछ की जा रही है और 21 अन्य लोगों की भी जांच चल रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों में फिलीपींस के अलावा नेपाली, ब्रिटिश और मिस्र के नागरिक शामिल हैं।
फिलीपींस दूतावास ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी सुरक्षा हालात का वीडियो न बनाएं और केवल सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें। जो भी भारतीय या अन्य प्रवासी UAE में काम करते हैं उन्हें वहां के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि वे किसी भी कानूनी मुसीबत से बच सकें।




