UAE पर ईरान का बड़ा हमला, हवा में नष्ट किए गए 4 मिसाइल और 6 ड्रोन, स्कूलों और फ्लाइट्स पर पड़ा सीधा असर
यूएई (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने 15 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से आए 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की जानकारी दी है. खाड़ी देशों में मौजूदा हालात को देखते हुए यूएई और कतर सरकार ने अपने नागरिकों और प्रवासियों के मोबाइल पर नेशनल इमरजेंसी अलर्ट भेजा है. मलबा गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है. इस घटना का सबसे ज्यादा असर खाड़ी में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों की यात्रा और उनके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है.
फ्लाइट्स और स्कूलों को लेकर क्या हैं नए अपडेट?
यूएई में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास ने यात्रा संबंधी एडवायजरी जारी की है. उड़ान सेवाओं में लगातार बदलाव देखे जा रहे हैं और कतर एयरवेज सहित कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों का शेड्यूल सीमित कर दिया है. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में सीबीएसई (CBSE) बोर्ड की परीक्षा देने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है.
- सऊदी अरब, यूएई और कतर में सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 तक रद्द कर दी गई हैं.
- अम्मान, कुवैत, अबू धाबी, दोहा और बहरीन के लिए कई फ्लाइट्स को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है.
- खतरे वाले इलाकों में मोबाइल पर संदेश भेजकर लोगों से बाहर न निकलने की अपील की गई है.
सऊदी अरब और बाकी देशों में कैसा है माहौल?
सऊदी न्यूज 50 और आधिकारिक बयानों के अनुसार, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी रियाद और पूर्वी क्षेत्र में कई ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है. वहीं कतर ने भी 4 बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन को अपने क्षेत्र में रोका है. यह हालात अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खार्ग द्वीप पर 28 फरवरी को किए गए हमले के बाद पैदा हुए हैं.
- फुजैराह के ऑयल इंडस्ट्री जोन में इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन के मलबे से आग लगने की घटना सामने आई है.
- 28 फरवरी से अब तक यूएई के एयर डिफेंस ने कुल 294 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1600 ड्रोन को नष्ट किया है.
- अब तक इन हमलों के कारण यूएई में पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों सहित 6 लोगों की जान जा चुकी है और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं.




