UAE और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, तेल और गैस ठिकानों पर हमले के बाद सरकार ने दी कड़ी चेतावनी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच विवाद काफी गहरा गया है। 19 मार्च 2026 को ईरान ने UAE के Habshan gas facility और Bab oil field को निशाना बनाया है। UAE सरकार ने इसे एक आतंकी हमला बताया है और इसकी कड़ी निंदा की है। एहतियात के तौर पर इन तेल और गैस ठिकानों पर काम को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। गनीमत यह रही कि इन हमलों में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है, लेकिन सरकारी अधिकारियों ने इसे एक खतरनाक उकसावा करार दिया है।
ईरान के हमलों और हालिया घटनाओं का पूरा विवरण
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों ने न केवल औद्योगिक ठिकानों बल्कि रिहायशी इलाकों और एयरपोर्ट को भी खतरे में डाल दिया है। हमलों की गंभीरता और अब तक की स्थिति को आप नीचे दी गई तालिका से समझ सकते हैं:
| तारीख | घटना की जानकारी |
|---|---|
| 19 मार्च 2026 | Habshan gas और Bab oil field पर हमला हुआ |
| 18 मार्च 2026 | अब तक 2000 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले दर्ज हुए |
| 14 मार्च 2026 | अनवर गरगाश ने कुल 1,909 हमलों की पुष्टि की |
| 2 मार्च 2026 | ईरानी राजदूत को बुलाकर विरोध पत्र सौंपा गया |
UAE सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि तेल और गैस के ठिकानों पर हमला करना एक रेड लाइन है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने देश और नागरिकों की रक्षा करने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के जरिए मांग की गई है कि ईरान इन हमलों को तुरंत और बिना शर्त रोके। इन हमलों का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। हमलों में पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई देशों के नागरिकों की जान जाने की खबर है, जिससे खाड़ी में रहने वाले भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।




