UAE पर ईरान का हमला जारी, अब तक 221 लोग हुए घायल, भारतीयों सहित कई देशों के लोग आए चपेट में.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के बीच चल रहे तनाव के 39वें दिन एक बड़ी खबर सामने आई है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों में अब तक कुल 221 लोग घायल हो चुके हैं और 13 लोगों की जान जा चुकी है। UAE की डिफेंस सिस्टम ने हजारों ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है, लेकिन गिरते मलबे की वजह से कई इलाकों में नुकसान हुआ है और लोग घायल हुए हैं। यह खबर यहां रहने वाले प्रवासियों के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
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हमलों में कितने लोग हुए हताहत और क्या है ताजा स्थिति?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 तक इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 सैन्य कर्मी और एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर शामिल हैं। घायल होने वाले 221 लोगों में से कुछ की हालत गंभीर है। हाल ही में अबू धाबी के Borouge पेट्रोकेमिकल प्लांट में मलबे गिरने से आग लग गई थी, हालांकि वहां किसी के घायल होने की खबर नहीं है। शारजाह के Khor Fakkan पोर्ट और अबू धाबी के Ajban इलाके में भी हमले का मलबा गिरने से कई लोग जख्मी हुए हैं। यूएई की सेना लगातार इन खतरों को कम करने के लिए काम कर रही है।
प्रवासी नागरिकों पर क्या पड़ा असर और कौन से देश हुए प्रभावित?
इन हमलों में UAE में रहने वाले विदेशी प्रवासियों पर भी काफी असर पड़ा है। घायलों की लिस्ट में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और मोरक्को के नागरिक शामिल हैं। खास तौर पर Ajban और शारजाह में हुए हादसों में नेपाली और भारतीय नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई है। नीचे दी गई टेबल से आप देख सकते हैं कि हाल के दिनों में कहां-कहां बड़े हादसे हुए हैं:
| तारीख | घटनास्थल | असर / घायल |
|---|---|---|
| 3 अप्रैल | अबू धाबी (Ajban) | 12 घायल (6 नेपाली, 5 भारतीय) |
| 5 अप्रैल | शारजाह (Khor Fakkan) | 4 घायल (नेपाली और पाकिस्तानी) |
| 5 अप्रैल | Habshan गैस सुविधा | 1 मौत और 4 घायल |
| 28 मार्च | अबू धाबी (KEZAD) | 6 घायल |
सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम और डिफेंस सिस्टम की जानकारी
UAE ने अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका से मिले THAAD और Patriot मिसाइल डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया है। अब तक 520 बैलिस्टिक मिसाइलों और 2,221 ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं। गार्गाश जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान की इस हरकत को विश्वासघाती बताया है। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया जा रहा है।




