UAE का सख्त प्राइवेसी कानून
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने लोगों की निजता (Privacy) की सुरक्षा के लिए अपने कानूनों को बेहद सख्त कर दिया है। अगर आप UAE में रहते हैं या वहां घूमने जा रहे हैं, तो किसी दूसरे की फोटो या वीडियो बिना उसकी मर्जी के शेयर करना आपको बहुत बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। वहां के कानून के मुताबिक, किसी की निजता का उल्लंघन करना एक गंभीर अपराध माना गया है।
जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
UAE के कानूनों के तहत, बिना सहमति किसी की तस्वीर ऑनलाइन पोस्ट करने या शेयर करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कम से कम 6 महीने की जेल हो सकती है। इसके अलावा, उस पर 1,50,000 दिरहम से लेकर 5,00,000 दिरहम (लाखों भारतीय रुपये) तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह नियम सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती से लागू होता है।
पीड़ित मांग सकता है मुआवजा
सिर्फ जेल और जुर्माना ही नहीं, अब पीड़ित व्यक्ति नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग भी कर सकता है। नए नियमों के अनुसार, जिन लोगों की तस्वीरें बिना उनकी सहमति के शेयर की गई हैं, वे सिविल कोर्ट (दीवानी अदालत) का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कानून पीड़ित को यह अधिकार देता है कि वह अपनी निजता के हनन के बदले आरोपी से आर्थिक मुआवजे का दावा करे।
कैसे तय होती है सजा और हर्जाना?
मुआवजा पाने की प्रक्रिया एक चरणबद्ध तरीके से काम करती है। सबसे पहले क्रिमिनल कोर्ट (फौजदारी अदालत) में यह साबित होना जरूरी है कि निजता का उल्लंघन हुआ है। एक बार जब क्रिमिनल कोर्ट अपना फैसला सुना देता है और आरोपी को दोषी करार दे देता है, तो उस फैसले के आधार पर सिविल कोर्ट में देनदारी (Liability) तय की जाती है। यानी, क्रिमिनल कोर्ट का फैसला ही मुआवजे के दावे की नींव बनता है।
सोशल मीडिया पर बरतें सावधानी
यह कानून उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय लापरवाही बरतते हैं। किसी अजनबी, दोस्त या सहकर्मी की फोटो मजाक में या गुस्से में शेयर करने से पहले उनकी लिखित या स्पष्ट अनुमति लेना बेहद जरूरी है। अनजाने में की गई एक गलती भी आपको कोर्ट-कचहरी और भारी आर्थिक नुकसान के जाल में फंसा सकती है।
Last Updated: 19 January 2026




