Gulf Countries Security Update: खाड़ी देशों में सुरक्षा के लिए पहुंचे यूक्रेन के एक्सपर्ट्स, ड्रोन हमलों से बचने के लिए EU ने बनाया नया प्लान
यूरोपियन यूनियन (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने एक बड़ा अपडेट दिया है। खाड़ी देशों (GCC) और यूक्रेन के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने पर काम शुरू हो गया है। 9 मार्च 2026 को यूक्रेन के सैन्य विशेषज्ञ और ड्रोन डिफेंस एक्सपर्ट्स का पहला समूह गल्फ क्षेत्र में पहुंच चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य गल्फ देशों को ड्रोन हमलों से बचाना और आपसी सुरक्षा को मजबूत करना है।
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खाड़ी देशों में क्यों पहुंचे यूक्रेन के एक्सपर्ट्स?
यूक्रेन की टीम खाड़ी देशों को ईरानी शाहेद ड्रोन (Shahed drones) को डिटेक्ट करने और नष्ट करने की तकनीकी ट्रेनिंग देगी। हाल के दिनों में इन ड्रोन्स से गल्फ के इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इस खतरे को देखते हुए EU काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने गल्फ के नेताओं के साथ इमरजेंसी ऑनलाइन बैठक भी की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि उनके एक्सपर्ट्स गल्फ में जमीनी हालात का आकलन करके तुरंत मदद पहुंचाएंगे। यूरोपियन यूनियन इसमें एक मैचमेकर की भूमिका निभा रहा है ताकि यूक्रेन की जांची-परखी डिफेंस तकनीक और गल्फ के निवेश को एक साथ लाया जा सके। इस कदम से खाड़ी में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनेगा।
मिसाइल और ड्रोन को लेकर क्या है नई योजना?
इस समझौते के तहत दोनों तरफ से एक दूसरे की रक्षा जरूरतों को पूरा किया जाएगा। यूक्रेन अपने सस्ते और कारगर ड्रोन इंटरसेप्टर खाड़ी देशों को बेचेगा। इसके साथ ही वह अपना विशेष एंटी-ड्रोन सॉफ्टवेयर भी साझा करने के लिए तैयार है।
- खर्च में कमी: यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोन की कीमत सिर्फ कुछ हजार डॉलर है, जबकि इसकी तुलना में पेट्रियट मिसाइल (PAC-3) की कीमत करीब 4 मिलियन डॉलर होती है।
- मिसाइल की जरूरत: बदले में यूक्रेन को खाड़ी देशों के पास मौजूद PAC-2 और PAC-3 मिसाइलों के स्टॉक तक पहुंच मिलने की उम्मीद है, ताकि वह रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना कर सके।
- सुरक्षा की गारंटी: EU के विशेष दूत लुइगी डि मायो के अनुसार यूक्रेन की तकनीक से खाड़ी देश अपनी रक्षा और बेहतर तरीके से कर पाएंगे।





