UN Security Council का बड़ा फैसला: खाड़ी देशों पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा, पास किया नया प्रस्ताव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 11 मार्च 2026 को एक अहम प्रस्ताव पास किया। यह प्रस्ताव खाड़ी देशों (Gulf countries) और जॉर्डन पर ईरान के हालिया हमलों के खिलाफ लाया गया। इस प्रस्ताव में ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की गई है। परिषद ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और दुनिया की शांति के लिए बड़ा खतरा माना है।
इस नए प्रस्ताव में क्या-क्या खास बातें हैं?
बहरीन ने GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) और जॉर्डन की तरफ से यह प्रस्ताव पेश किया। इसमें कई अहम बातों पर जोर दिया गया है।
- ईरान से मांग की गई है कि वह पड़ोसी देशों पर तुरंत सभी हमले और धमकियां बंद करे।
- सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन पर हुए हमलों की निंदा की गई।
- Strait of Hormuz और Bab al-Mandab Strait में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की बात कही गई।
- हमले का सामना कर रहे देशों को अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने का अधिकार (Article 51) दिया गया।
पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों के हालात कैसे रहे?
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में कई बड़े घटनाक्रम हुए हैं।
- Dubai Airport पर असर: दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दो ईरानी ड्रोन गिरे जिसमें चार लोग घायल हुए, लेकिन Flights की आवाजाही जारी है।
- सऊदी अरब का बचाव: सऊदी एयर डिफेंस ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ आ रही 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 2 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
- तेल बाजार पर असर: ग्लोबल मार्केट को स्थिर रखने के लिए IEA ने 30 से 40 करोड़ बैरल तेल रिजर्व से निकालने का प्रस्ताव रखा है।
- अमेरिका का एक्शन: अमेरिकी रक्षा सचिव ने बताया कि ईरान के अंदर मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले ठिकानों पर हमले तेज किए जा रहे हैं।
प्रवासियों और आम लोगों पर इसका क्या असर है?
इन हमलों के कारण कुछ जगहों पर रिहायशी इमारतों, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और पानी साफ करने वाले प्लांट को नुकसान पहुंचा है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। दुबई और अन्य प्रमुख शहरों में Flights अपने तय समय से चल रही हैं जिससे यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिली है।
UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे युद्ध को बढ़ने से रोकें ताकि आम नागरिकों को नुकसान से बचाया जा सके। GCC के प्रतिनिधियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।




