ईरान के माहशहर पेट्रोकेमिकल प्लांट पर फिर हुई बमबारी, इसराइल और अमेरिका पर लगे हमले के आरोप.
ईरान के दक्षिणी अहवाज़ क्षेत्र में स्थित माहशहर बंदरगाह के एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर 7 अप्रैल 2026 को फिर से बमबारी की गई है. इस ताज़ा हमले की जानकारी सऊदी और ईरानी मीडिया आउटलेट्स द्वारा साझा की गई है. बताया जा रहा है कि इस ताज़ा हमले में प्लांट की एक यूनिट को काफी नुकसान पहुँचा है. यह घटना पिछले कई दिनों से ईरान के तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों की कड़ी में नवीनतम हमला है, जिससे इलाके में तनाव बहुत ज़्यादा बढ़ गया है.
ईरान में पिछले 4 दिनों में हुए हमलों का पूरा विवरण
ईरान के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पेट्रोकेमिकल केंद्रों को पिछले कुछ दिनों से लगातार निशाना बनाया जा रहा है. इन हमलों का असर सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ रहा है. पिछले कुछ दिनों के प्रमुख हमलों की जानकारी नीचे दी गई है:
| तारीख | निशाना बनाया गया स्थान | नुकसान का विवरण |
|---|---|---|
| 7 अप्रैल 2026 | माहशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स | संपत्ति का नुकसान और ताज़ा बमबारी |
| 6 अप्रैल 2026 | साउथ पार्स गैस फील्ड और शिराज | दो IRGC कमांडरों की मौत और हल्की क्षति |
| 5 अप्रैल 2026 | तेहरान और माहशहर | 5 लोगों की मौत और भारी धमाके |
| 4 अप्रैल 2026 | खुज़ेस्तान के 6 बड़े कॉम्प्लेक्स | 5 मौतें और 170 लोग घायल हुए |
इसराइल और अमेरिका की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है
इसराइल के रक्षा मंत्री ने इन हमलों के बारे में कहा कि माहशहर और साउथ पार्स जैसे केंद्रों को निशाना बनाना ईरान के शासन की कमर तोड़ने जैसा है. उनके अनुसार इन हमलों के कारण ईरान का लगभग 85 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल निर्यात सेवा से बाहर हो गया है. दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कोई ठोस समझौता नहीं किया, तो भविष्य में उसके बिजली घरों और तेल के कुओं पर भी हमला हो सकता है. हालांकि एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं ने इन धमकियों को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है और आम नागरिकों को होने वाले नुकसान की चेतावनी दी है.




