US Defence Secretary का बयान, Iran ने पिछले 24 घंटे में दागी सबसे कम मिसाइलें, गल्फ में फ्लाइट्स पर भारी असर
अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने एक अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान की तरफ से सबसे कम मिसाइलें दागी गई हैं. यह गिरावट अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के मिसाइल ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद आई है. इस सैन्य ऑपरेशन का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है. इस बीच फ्लाइट्स लगातार कैंसिल हो रही हैं और कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं.
मिसाइल हमलों में कमी का कारण और सऊदी अरब का एक्शन
अमेरिकी रक्षा मंत्री के अनुसार, ईरान के मिसाइल स्टॉक और लॉन्चरों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. इसी वजह से हमलों में भारी कमी देखी गई है. जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल Dan Caine ने भी बताया कि पहले दिन के मुकाबले अब मिसाइल हमलों में 86 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. वहीं, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी पूर्वी प्रांत और Shaybah तेल क्षेत्र के पास दो ड्रोनों को मार गिराने की जानकारी दी है.
सऊदी अरब के साथ-साथ जॉर्डन, बहरीन, UAE और कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम लगातार काम कर रहे हैं और रिहायशी व ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा कर रहे हैं. इस बीच नाटो देशों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका ने तुर्की के मलात्या में पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी तैनात किया है.
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है
इस मौजूदा हालात का सबसे ज्यादा असर आम लोगों के सफर और महंगाई पर हो रहा है. मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं. पाकिस्तान ने गल्फ क्षेत्र के लिए अपनी 600 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. इससे भारत और अन्य देशों से गल्फ आने-जाने वाले प्रवासियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगों की यात्रा बीच में ही रुक गई है.
यात्रा के अलावा इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है. ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है. इसके कारण मिस्र ने घरेलू ईंधन के दाम 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं. अमेरिका ने अपने मुख्य लक्ष्यों में ईरान के मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तबाह करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बताया है.





