US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी का किया ऐलान, परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत रही नाकाम
अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशें पूरी तरह नाकाम हो गई हैं। इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बाद भी दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है।
🗞️: Iran USA News: ईरान और अमेरिका की बातचीत फेल, अब ईरान के सभी बंदरगाहों की होगी नाकाबंदी।
बातचीत क्यों रही नाकाम?
अमेरिका की मुख्य शर्त यह थी कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) को पूरी तरह बंद करे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने और इससे जुड़े टूल्स को छोड़ने की शर्त मानने से इनकार कर दिया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी जिद और नाकाबंदी की धमकियों की वजह से बातचीत को खराब किया है।
अमेरिका का नया फैसला क्या है?
बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना सोमवार, 14 अप्रैल 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी करेगी। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और यह बिल्कुल नहीं होने वाला है।
ईरान का क्या कहना है?
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में नाकाम रहा और अब भरोसा जीतना अमेरिका का काम है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर ईरान पर हमला हुआ तो वे मुकाबला करेंगे। वहीं, परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद एस्लामी ने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोका नहीं जा सकता।




