WHO ने अमेरिका और इसराइल को दी चेतावनी, ईरान के अस्पतालों पर हमले को लेकर जताई बड़ी चिंता.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान में जारी जंग के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. तेहरान के सबसे पुराने और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान पाश्चर इंस्टीट्यूट (Pasteur Institute) पर हुए ताज़ा हमले के बाद यह आधिकारिक बयान सामने आया है. WHO के महानिदेशक ने बताया कि 1 मार्च 2026 से अब तक ईरान में स्वास्थ्य सेवाओं पर 20 से अधिक हमले हो चुके हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है.
ईरान के इन स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमले और हुआ नुकसान
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हुआ हमला अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा पर सीधा हमला है. यह संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश की सार्वजनिक सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण काम करता है. WHO प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि हाल के दिनों में तेहरान में कई हमले हुए हैं. इन हमलों में पाश्चर इंस्टीट्यूट के अलावा डेलाराम सीना मनोरोग अस्पताल और तौफीक दारू दवा कंपनी को भी निशाना बनाया गया है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और दुनिया भर के डॉक्टरों से इस पर आवाज उठाने की अपील की है.
घटना से जुड़े मुख्य अपडेट्स और तारीखें
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए |
| 31 मार्च 2026 | ईरान की बड़ी दवा कंपनी तौफीक दारू पर हमला हुआ |
| 2 अप्रैल 2026 | पाश्चर इंस्टीट्यूट को हमले में भारी नुकसान पहुँचाया गया |
| 3 अप्रैल 2026 | WHO ने 20 से अधिक हमलों की पुष्टि की और चेतावनी दी |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है कड़ा विरोध
इन हमलों को लेकर केवल ईरान ही नहीं बल्कि अमेरिका के भीतर भी विरोध शुरू हो गया है. अमेरिका के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों ने एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पत्र में स्कूलों और अस्पतालों पर हो रहे हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं. ईरानी रेड क्रीसेंट की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक युद्ध में कम से कम 307 स्वास्थ्य और चिकित्सा केंद्र क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. WHO ने साफ़ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा हर हाल में होनी चाहिए क्योंकि शांति ही सबसे अच्छी दवा है.




