सऊदी ने भारत के बजाय पाकिस्तान को क्यों चुना ? भारत मुस्लिम दुनिया में पाकिस्तान के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला कर सकता है मुकाबला
पहलगाम आतंकी हमले के बाद तो भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह के समझौते की संभावना होती नहीं दिख रही है। यूं तो आधुनिक दुनिया की बात की जायें तो भारत और पाकिस्तान ही एक दूसरे के विरोधी राष्ट्र नहीं है फिर भी इन दोनों देशों की दुश्मनी कई मायनों में विशिष्ट है। उदाहरण के तौर पर कहा जाये तो दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया, चीन और ताइवान, ईरान और इज़राइल, या संयुक्त राज्य और चीन एक दूसरे के दुश्मन राष्ट्र हैं। इन तमाम मामलों से भारत और पाकिस्तान के संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि मिलती है। जब दो देश लंबे समय तक अलग रहते हैं, जैसे कि ईरान और इज़राइल के मामले में देखा गया है, तो उनके बीच टकराव की संभावना बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप, वे आपसी समझ और संवाद के लिए किसी तीसरे पक्ष पर निर्भर हो जाते हैं, जिससे तीसरे पक्ष के लिए अवसर उत्पन्न होते हैं। यह भारत और पाकिस्तान के लिए शायद सबसे खराब परिदृश्य है और वे इस दिशा में प्रतीत होते हैं।





