Kashmir to Iran: महबूबा मुफ्ती पहुंची ईरानी दूतावास, कहा- कश्मीर के लोग ईरान के साथ खड़े हैं, 596 छात्रों की वापसी पर हुई बात
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नई दिल्ली में ईरानी सांस्कृतिक केंद्र और दूतावास का दौरा किया. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग इस मुश्किल समय में ईरान के साथ खड़े हैं. इसके साथ ही उन्होंने ईरान में फंसे 596 कश्मीरी मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और उनकी वापसी का मुद्दा भी ईरानी राजदूत के सामने प्रमुखता से उठाया.
ईरान में फंसे हैं करीब 596 कश्मीरी छात्र
ईरान में मौजूदा हालात काफी खराब हैं और वहां लगभग 596 कश्मीरी मेडिकल छात्र फंसे हुए हैं. सुरक्षा कारणों से कई छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों से निकालकर पवित्र शहर कोम (Qum) के सुरक्षित शेल्टर में शिफ्ट किया गया है.
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 8 मार्च को एक बयान में बताया कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. अभी सुरक्षा कारणों से छात्रों को वहां से निकालना संभव नहीं है. लेकिन स्थिति थोड़ी भी अनुकूल होते ही उन्हें वापस लाने का काम शुरू किया जाएगा.
महबूबा मुफ्ती ने ईरानी राजदूत से मुलाकात के दौरान इन छात्रों की जल्द और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग रखी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट कर बताया कि उन्होंने छात्रों की परेशानी को राजदूत के सामने रखा है.
कश्मीर में क्या है इसका असर?
ईरान के सर्वोच्च नेता की 28 फरवरी 2026 को हुए हमलों में मौत के बाद से ही कश्मीर में भी प्रभाव देखा जा रहा है. ईरान से आ रही खबरों के बाद कश्मीर के शिया समुदाय ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए हैं.
इसके कारण श्रीनगर के लाल चौक जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है. वहां रहने वाले लोग ईरान में फंसे अपने बच्चों को लेकर काफी चिंतित हैं.
छात्रों की सुरक्षा को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में हैं. वहां फंसे छात्रों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब तक विदेश मंत्रालय से आगे का आदेश या रूट साफ होने की जानकारी नहीं आती, वे सुरक्षित जगहों पर ही रहें.





