भारत और कुवैत के बीच व्यापार बढ़ाने पर हुई बड़ी चर्चा, पीयूष गोयल ने कुवैती मंत्री के साथ की मीटिंग.
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कुवैत के मंत्री ओसामा खालिद बूदई के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की है। 8 अप्रैल 2026 को हुई इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और भी ज्यादा मजबूत करना है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच व्यापार को सुरक्षित रखने और इसे आगे बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं।
भारत और कुवैत की बैठक में क्या खास रहा?
इस वर्चुअल मीटिंग के दौरान पीयूष गोयल और कुवैती मंत्री ने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की। गोयल ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह बातचीत काफी सफल रही और इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। भारत सरकार अब भारतीय निर्यातकों के लिए नए कदम उठाने की तैयारी कर रही है, ताकि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद व्यापार पर कोई बुरा असर न पड़े और सामान की सप्लाई जारी रहे।
खाड़ी देशों और GCC के साथ भारत की रणनीति
पीयूष गोयल ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी के साथ भी अलग से चर्चा की है। इस बातचीत में पूरे खाड़ी क्षेत्र के साथ भारत के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को सुधारने पर जोर दिया गया। हाल के समय में क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद भी कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने हाल ही में 28 ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है, जो उनकी सुरक्षा तैयारियों को दिखाता है।
प्रवासियों और भारतीय व्यापारियों पर क्या होगा असर?
- कुवैत और भारत के बीच व्यापार बढ़ने से वहां रह रहे लाखों प्रवासियों के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे।
- 1961 तक कुवैत में भारतीय रुपया कानूनी मुद्रा के रूप में चलता था, जो दोनों देशों के पुराने व्यापारिक रिश्तों की गवाही देता है।
- सरकार नए सुरक्षा उपाय कर रही है ताकि वैश्विक तनाव के बीच भारतीय सामान की कीमतों और सप्लाई पर असर न हो।
- भारत और GCC के बीच व्यापारिक साझेदारी मजबूत होने से खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले भारतीयों को सरकारी स्तर पर मदद मिलेगी।





