अबू धाबी की एक अदालत ने एक स्कूल प्रशासक के साथ बैठक के दौरान गाली-गलौज और बदसलूकी करने के आरोप में एक महिला पर 7,000 दिरहम का जुर्माना लगाया है। अबू धाबी फैमिली, सिविल और एडमिनिस्ट्रेटिव क्लेम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि महिला के इस व्यवहार से पीड़ित को ‘नैतिक और मानसिक’ नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए उसे मुआवजा मिलना जरूरी है।
घटना की पूरी जानकारी
पीड़ित प्रशासक ने कोर्ट को बताया कि वह अपने सहकर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहा था। इस बैठक में छात्रों के लिए आयोजित होने वाले एक समारोह पर चर्चा हो रही थी, जिसका बजट 3,00,000 (तीन लाख) दिरहम था। तभी वह महिला बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक कक्ष में घुस आई। उसने वहां मौजूद सभी लोगों के सामने प्रशासक और उसके साथियों पर चिल्लाना शुरू कर दिया और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
पीड़ित ने मांगी थी 50,000 दिरहम की भरपाई
इस घटना से आहत होकर स्कूल प्रशासक ने महिला के खिलाफ दीवानी मुकदमा (Civil Lawsuit) दायर किया था। उसने सामग्री, नैतिक और भावनात्मक नुकसान के लिए 50,000 दिरहम के मुआवजे की मांग की थी। पीड़ित का दावा था कि इस घटना के कारण उसकी पेशेवर प्रतिष्ठा को चोट पहुंची है और उसे उस स्कूल से अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ी, जिसका प्रबंधन वह महिला करती थी। इससे पहले, इस मामले में महिला के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी हुई थी, जिसमें उसे दंडित किया गया था।
कोर्ट ने जांच में क्या पाया?
अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष की जांच के दस्तावेजों की समीक्षा की। सबूतों से यह पुष्टि हुई कि महिला ने मौखिक रूप से दुर्व्यवहार किया था, जो प्रशासक की गरिमा और सम्मान के खिलाफ था। कोर्ट ने इसे अपमान और तिरस्कार का मामला माना। सुनवाई के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि महिला ने इस घटना से इनकार नहीं किया।
फैसले में मुआवजे का आदेश
अदालत ने पीड़ित द्वारा मांगे गए 50,000 दिरहम के पूरे दावे को स्वीकार नहीं किया, लेकिन उसे नैतिक क्षति के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि महिला को 7,000 दिरहम का भुगतान करना होगा। यह राशि पीड़ित को हुए अपमान, दुख और मानसिक पीड़ा की भरपाई के लिए है। इसके साथ ही, महिला को मुकदमे में लगे कोर्ट के खर्च का भी भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
यूएई में अभद्र व्यवहार पर सख्त कानून
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कानून किसी का अपमान करने या गाली-गलौज करने को गंभीरता से लेते हैं, चाहे वह आमने-सामने हो या सोशल मीडिया पर। कोर्ट लगातार ऐसे मामलों में मुआवजे का आदेश देता रहा है क्योंकि इसे नागरिक कानून (Civil Transactions Law) के तहत नुकसान माना जाता है। नीचे दी गई तालिका में कुछ अन्य मामलों के उदाहरण हैं:
| मामले का प्रकार | दिया गया मुआवजा |
|---|---|
| किसी अन्य महिला का अपमान करना | 10,000 दिरहम |
| सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी | 30,000 दिरहम |
Last Updated: 16 January 2026




