बजट 2026 में महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा, अब गांव में खुलेंगे ‘SHE Marts’, सरकार देगी पैसा
1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. सरकार ने अपनी महत्वकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना को और बड़ा रूप देने का फैसला किया है. इसके तहत अब महिलाओं को सिर्फ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें ‘SHE Marts’ के जरिए अपना बिजनेस खड़ा करने में मदद दी जाएगी. सरकार का मकसद महिलाओं को कर्ज लेने वाले से बदलकर बिजनेस चलाने वाली उद्यमी बनाना है.
आपके लिए जरूरी खबर: Nirmala Sitharaman Budget 2026: देश में खुलेंगे 3 नए आयुर्वेद एम्स, 5 मेडिकल हब बनाने का भी हुआ ऐलान।
आखिर क्या हैं ये ‘SHE Marts’ और कैसे करेंगे काम?
बजट में घोषित नई योजना के मुताबिक, ‘SHE Marts’ का मतलब ‘सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स’ है. ये एक तरह की सामुदायिक दुकानें या रिटेल आउटलेट होंगे, जिनका मालिकाना हक क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के पास होगा. आसान भाषा में कहें तो ये दुकानें गांव और ब्लॉक स्तर पर महिलाओं के समूह द्वारा चलाई जाएंगी.
सरकार अब ‘क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका’ यानी सिर्फ लोन आधारित काम से आगे बढ़कर एक ऐसे बिजनेस मॉडल पर जोर दे रही है जिसे बड़ा किया जा सके. इन मार्ट्स के जरिए महिलाओं के बनाए उत्पादों को एक व्यवस्थित बाजार मिलेगा और वे सीधे ग्राहकों तक अपना सामान पहुंचा सकेंगी.
पैसा और बाजार कहां से मिलेगा?
महिलाओं को अपना काम शुरू करने में दिक्कत न हो, इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने एक ‘एंड-टू-एंड ऑनलाइन ऋण प्रणाली’ तैयार की है. इसके जरिए बिजनेस के लिए पैसा मिलना आसान और तेज हो जाएगा. सरकार ने इसे ‘नवाचारी वित्तपोषण’ का नाम दिया है.
सिर्फ दुकान खोलना ही नहीं, सामान बेचने के लिए डिजिटल मदद भी मिलेगी. SHG के उत्पादों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), ONDC और eSARAS जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचना अनिवार्य किया जाएगा. साथ ही, ऑनलाइन आर्डर को ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी के ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा.
सरकार का लक्ष्य और दूसरी सुविधाएं
सरकार ने देश में कुल 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से करीब 1.5 करोड़ महिलाएं यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं. इस काम को गति देने के लिए 50,000 सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRPs) को ट्रेनिंग दी जाएगी, जो गांव-गांव जाकर महिलाओं को बिजनेस करना सिखाएंगे.
इसके अलावा, बजट में महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है. हर जिले में एक ‘गर्ल्स हॉस्टल’ बनाने का प्रस्ताव है. साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से महिलाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट के नए रास्ते खोले जाएंगे ताकि वे नई तकनीक सीख सकें.





