MSME के लिए बजट 2026 में बड़ा ऐलान, 7 लाख करोड़ की मदद और GeM को लेकर बदला नियम
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट में छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) को TReDS प्लेटफॉर्म से जोड़ने की घोषणा की है। इस नए नियम का मकसद छोटे व्यापारियों को सरकारी आपूर्ति के बदले समय पर और आसान शर्तों पर पैसा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सरकार ने इस क्षेत्र में नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए कई नए रास्ते खोले हैं।
आपके लिए प्रकाशित: बजट 2026 में वित्त मंत्री का ऐलान: देश में बनेंगे 20 नए जल मार्ग, वाराणसी और पटना में खुलेंगे जहाज रिपेयर सेंटर।
GeM और TReDS जुड़ने से व्यापारियों को कैसे मिलेगा पैसा?
सरकार ने तय किया है कि GeM पोर्टल पर होने वाली सरकारी खरीद की जानकारी अब सीधे TReDS प्लेटफॉर्म के साथ साझा की जाएगी। जब सरकारी खरीद का डेटा वित्तपोषकों के पास उपलब्ध होगा, तो वे व्यापारियों को उनकी आपूर्ति के आधार पर तुरंत लोन या फंडिंग दे सकेंगे। इससे छोटे कारोबारियों को अपनी पेमेंट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इसके अलावा TReDS प्लेटफॉर्म पर बिल डिस्काउंटिंग की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार CGTMSE के माध्यम से क्रेडिट गारंटी देगी। इसका मतलब यह है कि जो संस्थाएं या बैंक व्यापारियों के बिल के बदले पैसा देते हैं, उनका पैसा सुरक्षित रहेगा। इससे बैंकों का जोखिम कम होगा और वे ज्यादा से ज्यादा MSME को मदद कर पाएंगे।
सरकारी कंपनियों के लिए क्या अनिवार्य नियम लागू हुआ?
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को अपने भुगतान निपटाने के लिए अनिवार्य रूप से TReDS प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा। सरकार का मानना है कि जब सरकारी कंपनियां समय पर भुगतान के लिए इस सिस्टम को अपना लेंगी, तो निजी क्षेत्र भी इसे एक मानक के रूप में देखेगा।
बजट भाषण में जानकारी दी गई कि विभिन्न उपायों के जरिए MSME सेक्टर को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग दी जाएगी। TReDS प्राप्तियों को अब आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों (Asset-Backed Securities) के रूप में पेश किया जाएगा, जिससे इन बिलों के लिए एक सेकेंडरी मार्केट तैयार होगा और बाजार में पैसे का प्रवाह बना रहेगा।
छोटे उद्योगों के लिए घोषित किए गए अन्य प्रमुख फंड
बजट 2026-27 में MSME को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष फंड का भी प्रावधान किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
- SME ग्रोथ फंड: विकासशील छोटे व्यवसायों और भविष्य की नौकरियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक समर्पित फंड बनाया गया है।
- SRI फंड: आत्मनिर्भर भारत फंड में सरकार 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालेगी।
- क्लस्टर सुधार: देश के 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को फिर से बेहतर बनाने की योजना है ताकि लागत कम हो और उत्पादन बढ़ सके।





