नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर तैनात सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग के अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। बैंकॉक से लौट रहे चार भारतीय यात्रियों को भारी मात्रा में मादक पदार्थ (गांजा/मारिजुआना) और विदेशी सिगरेट की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया है। इन यात्रियों के पास से करोड़ों रुपये का प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ है, जिसे वे बेहद शातिराना अंदाज में अपने लगेज बैग में छिपाकर ला रहे थे।
बैंकॉक से आए चार यात्रियों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए कस्टम अधिकारियों ने उन्हें ग्रीन चैनल पर रोका, एक्स-रे जांच में खुली तस्करी की पोल
यह घटना 6 जनवरी 2026 की है, जब थाई एयरवेज की फ्लाइट संख्या TG-315 और TG-331 के जरिए बैंकॉक से चार भारतीय यात्री दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मौजूद कस्टम अधिकारियों ने ‘स्पॉट प्रोफाइलिंग’ के आधार पर इन यात्रियों को चिह्नित किया। जब ये यात्री ग्रीन चैनल पार कर रहे थे, तभी अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और उनके सामान की सघन तलाशी और एक्स-रे जांच का निर्देश दिया। जांच के दौरान उनके पास मौजूद ट्रॉली बैग्स में संदिग्ध वस्तुएं होने का संकेत मिला, जिसके बाद बैग्स को खोलकर मैन्युअल चेकिंग की गई।
ट्रॉली बैग्स के अंदर पॉलिथीन पाउच में छिपाकर लाया गया था 43 किलो से अधिक गांजा और गोल्ड फ्लेक सिगरेट, छह अलग-अलग बैगों से बरामद हुआ सामान
सामान की तलाशी लेने पर अधिकारियों को चार ट्रॉली बैग (दो नीले, एक ग्रे और एक बैंगनी रंग का) में कुल 36 पॉलिथीन के पाउच मिले। इन पाउच के अंदर हरे रंग का मादक पदार्थ छिपाया गया था, जो जांच में गांजा (मारिजुआना) पाया गया। इसका कुल वजन 43,135 ग्राम (लगभग 43.13 किलोग्राम) निकला। इसके अलावा, दो अन्य ट्रॉली बैग (एक पीला और एक आसमानी नीला) की तलाशी लेने पर उनमें गोल्ड फ्लेक सिगरेट के 76 बड़े पैकेट (डंडे) बरामद हुए। तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए मादक पदार्थों और सिगरेट को कपड़ों और अन्य सामान के बीच छिपा रखा था।
जब्त किए गए मादक पदार्थ और सिगरेट की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 43 करोड़ रुपये से अधिक, एनडीपीएस एक्ट के तहत चारों तस्कर गिरफ्तार
बरामद किए गए सामान का जब डायग्नोस्टिक टेस्ट किया गया, तो प्रथम दृष्टया इनके गांजा और सिगरेट होने की पुष्टि हुई। कस्टम विभाग के अनुसार, जब्त किए गए गांजे और सिगरेट की कुल अनुमानित कीमत लगभग 43.14 करोड़ रुपये (43.14792 करोड़) आंकी गई है। इस कृत्य को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8 का उल्लंघन मानते हुए, धारा 20, 23 और 29 के तहत दंडनीय अपराध करार दिया गया है। कानूनी कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने 7 जनवरी 2026 को दोपहर 1:00 बजे से 1:15 बजे के बीच चारों यात्रियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 43(बी) के तहत गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए बैग और पैकेजिंग सामग्री को धारा 43(ए) के तहत जब्त कर लिया गया है।





