ईरान ने इसराइल पर फिर दागी मिसाइलें, अमेरिका ने दी 48 घंटे की चेतावनी, खाड़ी देशों में बढ़ा युद्ध का खतरा
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल पर मिसाइलों की एक नई खेप दागी गई है जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप मच गया है। इस हमले के बाद इसराइली डिफेंस सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गए और कई मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया गया। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों और सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
हमले और जवाबी कार्रवाई से जुड़े मुख्य तथ्य
इस हमले के बाद इसराइली सेना और ईरान की तरफ से कई बड़े बयान सामने आए हैं और ज़मीनी स्तर पर काफी हलचल देखी गई है। यहाँ इस घटनाक्रम से जुड़ी कुछ बड़ी जानकारी दी गई है:
- इसराइली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान ने उत्तरी इसराइल को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
- जवाब में इसराइल ने ईरान के पेट्रोकेमिकल ठिकानों और मिसाइल बनाने वाले रिसर्च सेंटर्स पर बमबारी की है।
- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इससे पहले तेल अवीव और ईलात शहर को भी निशाना बनाने की बात कही थी।
- इसराइल के बेनी ब्रैक शहर में मिसाइल गिरने से शीशे के टुकड़े लगने की वजह से एक व्यक्ति घायल हुआ है।
- तेल अवीव में एक स्कूल और पार्किंग लॉट को भी मिसाइल के टुकड़ों से नुकसान पहुँचा है।
अमेरिका की चेतावनी और संयुक्त राष्ट्र की अपील
इस पूरे मामले में अब अमेरिका की एंट्री भी बहुत आक्रामक तरीके से हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान में अमेरिकी विमान गिराए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद उन्होंने ईरान को साफ शब्दों में 48 घंटे की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान या तो समझौता करे या फिर बुरे अंजाम के लिए तैयार रहे। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत और यूएई की सीमाओं के पास भी सैन्य गतिविधियां बढ़ने से वहां रह रहे लोगों के बीच डर का माहौल है। ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र के पास भी धमाके की खबर मिली है जिससे परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।




