ईरान ने किया बड़ा ऐलान, इराक के जहाजों पर नहीं लगेगा कोई प्रतिबंध, बाकी दुश्मन देशों के लिए रास्ता बंद.
ईरान की सेना ने 4 अप्रैल 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए इराक को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सभी तरह की पाबंदियों से आजाद कर दिया है. ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने साफ किया कि यह छूट सिर्फ इराक जैसे दोस्तों के लिए है. इस फैसले के बाद इराक के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी, जबकि दुश्मन देशों पर ईरान का कड़ा पहरा जारी रहेगा.
इराक को क्यों मिली यह खास राहत?
ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि वे इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का पूरा सम्मान करते हैं. ईरान का मानना है कि इराक के लोग अमेरिकी दबदबे के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं और उन्होंने मुश्किल समय में ईरान का साथ दिया है. इसी दोस्ती को देखते हुए ईरान ने तय किया है कि इराक के किसी भी जहाज को होर्मुज के रास्ते में नहीं रोका जाएगा. ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी समुद्री पाबंदियां सिर्फ उन देशों के लिए हैं जो उसके प्रति शत्रुता रखते हैं और क्षेत्र में तनाव पैदा कर रहे हैं.
इन देशों को भी मिली है सुरक्षित रास्ता इस्तेमाल करने की अनुमति
समुद्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कुछ देशों को मित्र राष्ट्र घोषित किया है और उन्हें सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है. इन देशों के जहाजों को आपसी तालमेल के साथ निकलने की इजाजत दी जा रही है:
- भारत: भारत के जहाजों को इस रास्ते से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी गई है.
- चीन और रूस: ईरान ने इन दोनों देशों को अपने भरोसेमंद सहयोगियों की लिस्ट में रखा है.
- पाकिस्तान: पाकिस्तान के व्यापारिक जहाजों को भी किसी भी तरह की रोक से बाहर रखा गया है.
- अमेरिका और इसराइल: इन देशों से जुड़े जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
हालिया घटनाक्रम और क्षेत्र के बिगड़ते हालात
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 4 अप्रैल 2026 को ‘MSC Ishika’ नाम के एक जहाज को निशाना बनाया है, जिसे इसराइल से जुड़ा बताया जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि इस रास्ते के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों पर असर पड़ता है. फिलहाल इराक को मिली छूट से बगदाद को बड़ी राहत मिली है.




