यूरोपीय संसद ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की, सऊदी और दुबई सहित कई देशों की सुरक्षा पर बड़ा बयान
यूरोपीय संसद ने खाड़ी देशों और Jordan पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 25 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में यूरोपीय संघ ने इन हमलों को बिना उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई बताया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने खाड़ी देशों की सुरक्षा और उनकी सीमाओं की रक्षा के प्रति अपनी एकजुटता जताई है। यूरोपीय संघ ने मांग की है कि ईरान और उसके समर्थक इन हमलों को तुरंत रोकें और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें।
किन देशों पर हुए हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?
यूरोपीय संघ और G7 देशों ने साफ़ तौर पर कहा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले आम लोगों और उनकी बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़ा खतरा हैं। इन हमलों से न केवल खाड़ी क्षेत्र की शांति भंग हो रही है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार और समुद्रों में जहाजों की आवाजाही पर भी बुरा असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन घटनाओं को लेकर मार्च के महीने में कई अहम बैठकें और फैसले हुए हैं।
| तारीख | अहम फैसला/बयान |
|---|---|
| 25 मार्च 2026 | यूरोपीय संघ ने HRC61 बैठक में हमलों की निंदा की |
| 21 मार्च 2026 | G7 देशों ने नागरिकों पर हमलों को गलत बताया |
| 19 मार्च 2026 | सऊदी अरब सहित 12 देशों ने हमलों के खिलाफ साझा बयान दिया |
| 13 मार्च 2026 | UN सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव 2817 को मंजूरी मिली |
| 5 मार्च 2026 | EU और खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों की आपात बैठक हुई |
| 1 मार्च 2026 | फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया |
खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कतर जैसे देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। इन हमलों की वजह से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है, जिससे विमान सेवाओं और यात्रा नियमों पर असर पड़ सकता है। यूरोपीय संघ ने खाड़ी देशों को ड्रोन हमलों से बचाने के लिए तकनीकी और कूटनीतिक मदद देने की बात भी कही है। सुरक्षा परिषद के नए नियमों के तहत अब सभी सदस्य देश खाड़ी की संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UNSCR 2817 का सम्मान करने की सलाह दी गई है।
- सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
- यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों ने खाड़ी देशों की सुरक्षा का समर्थन किया है।
- हमलों में नागरिक ठिकानों और एयरपोर्ट जैसी जगहों को निशाना बनाने की बात सामने आई है।
- प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय सरकारी अपडेट और दूतावास की सूचनाओं पर नज़र रखें।




