सऊदी अरामको की चेतावनी के बाद IEA ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, दुनिया को तेल संकट से बचाने के लिए 400 मिलियन बैरल रिज़र्व निकालने की तैयारी
दुनिया भर में तेल सप्लाई को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. Strait of Hormuz के बंद होने के बाद इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और G7 देशों के वित्त मंत्रियों ने 10 मार्च 2026 को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा ग्लोबल मार्केट को स्थिर करने के लिए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व (SPR) से 30 से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करना है. अगर यह फैसला लागू होता है तो यह IEA के 52 साल के इतिहास में सबसे बड़ी तेल निकासी होगी.
तेल संकट क्यों गहराया है और क्या है मौजूदा स्थिति?
हाल ही में Strait of Hormuz से तेल की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है. इस रास्ते से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल दुनिया भर में जाता था जो कि ग्लोबल खपत का 20 प्रतिशत है. इस रुकावट के कारण सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है.
सप्लाई रुकने से ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. हालांकि 400 मिलियन बैरल रिज़र्व तेल निकालने की खबर आने के बाद यह कीमत 106 से 110 डॉलर के बीच आ गई है.
सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासेर ने चेतावनी दी है कि अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो इसके परिणाम काफी विनाशकारी होंगे. इसका सीधा असर खेती, मैन्युफैक्चरिंग और एविएशन सेक्टर पर पड़ेगा.
एक्सपोर्ट रुकने और स्टोरेज स्पेस की कमी के कारण खाड़ी देशों को अपना प्रोडक्शन कम करना पड़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब, UAE और कुवैत ने मिलकर हर दिन करीब 62 लाख से 69 लाख बैरल तक उत्पादन घटा दिया है.
इमरजेंसी मीटिंग में क्या फैसले लिए जा सकते हैं?
IEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल ने साफ किया है कि बाजार में सप्लाई का जोखिम लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि एजेंसी ग्लोबल सप्लाई बनाए रखने के लिए अपने इमरजेंसी रिज़र्व का इस्तेमाल करने को तैयार है.
इस प्रस्तावित योजना में IEA के कुल 1.2 बिलियन बैरल के आपातकालीन स्टॉक में से 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा निकालने पर चर्चा हो रही है. यह 2022 के रूस-यूक्रेन संकट के दौरान निकाले गए 180 मिलियन बैरल से भी बहुत बड़ा आंकड़ा है.
G7 देशों ने भी आधिकारिक बयान दिया है कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. सदस्य देशों ने स्पष्ट किया है कि वे जरूरत पड़ने पर रिज़र्व से तेल जारी करने सहित सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
फ्रांस के वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया है कि रिज़र्व से तेल निकालना सबसे प्रमुख विकल्प है लेकिन अभी इस पर अंतिम सहमति नहीं बनी है कि यह निकासी किस तारीख से शुरू की जाएगी. इस पर अंतिम निर्णय के लिए G7 ऊर्जा मंत्रियों की एक और बैठक होने वाली है.




