UAE ने ईरान के 12 मिसाइल और 19 ड्रोन हवा में गिराए, अनवर गरगश बोले हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगश ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि UAE अब पहले से कहीं अधिक ताकत, समझ और प्रभाव के साथ क्षेत्रीय चुनौतियों को संभाल रहा है। हाल ही में ईरान की ओर से बढ़ते हमलों के बीच UAE की एयर डिफेंस प्रणाली ने अपनी मजबूती साबित की है। गरगश के अनुसार इस संकट ने देश के स्थिरता और विकास मॉडल को और अधिक मजबूत बनाया है।
UAE डिफेंस सिस्टम ने कितने हमले नाकाम किए?
UAE के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में हमलों की गंभीरता का पता चलता है। सोमवार को ही सेना ने ईरान की ओर से आए 12 बैलिस्टिक मिसाइलों और 19 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। फरवरी 2026 से अब तक हुए हमलों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| हमले का प्रकार | इंटरसेप्ट की गई संख्या (फरवरी से अब तक) |
|---|---|
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 519 |
| क्रूज मिसाइलें | 26 |
| ड्रोन | 2,210 |
इन हमलों के कारण अब तक 10 नागरिकों, 2 अमीराती सैनिकों और एक ठेकेदार की जान जा चुकी है। मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क है और किसी भी खतरे से निपटने में सक्षम है।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अनवर गरगश के मुख्य बयान
अनवर गरगश ने ईरान को एक अविश्वसनीय शक्ति बताया है जिसने पड़ोसी देशों की शांति में खलल डाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए केवल युद्धविराम काफी नहीं होगा। इसके लिए कुछ बुनियादी मुद्दों पर बात करना जरूरी है:
- परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम: जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ड्रोन क्षमताओं का समाधान नहीं होता, खतरा बना रहेगा।
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य: समुद्री व्यापार के लिए इस रास्ते की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- अमेरिका-ईरान समझौता: UAE ने मांग की है कि किसी भी नए समझौते में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित पहुंच की गारंटी होनी चाहिए।
- सहयोगी देशों की भूमिका: उन्होंने सहयोगियों से अपील की है कि वे इस संकट पर एक स्पष्ट और निर्णायक रुख अपनाएं।
गरगश ने अरब लीग और OIC जैसे संस्थानों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं और संकट के समय खाड़ी में पश्चिमी सैन्य उपस्थिति को सही ठहराया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय स्थिति की असली परीक्षा संकट के समय ही होती है।




