UAE के सलाहकार अनवर गरगाश का बड़ा बयान, बोले हमने वो जंग जीत ली जिसे हम टालना चाहते थे
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गरगाश ने देश की सुरक्षा और हालिया क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात ने उस जंग में जीत हासिल कर ली है जिसे वह शुरू से ही टालना चाहता था। यह बयान तब आया है जब 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की खबर सार्वजनिक हुई है। डॉ. गरगाश ने स्पष्ट किया कि यूएई ने अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा के जरिए इस कठिन समय का डटकर सामना किया है।
🚨: UAE ने ईरान के 12 मिसाइल और 19 ड्रोन हवा में गिराए, अनवर गरगश बोले हम हर चुनौती के लिए तैयार हैं।
युद्धविराम और डॉ. गरगाश के बयान की मुख्य बातें
डॉ. अनवर गरगाश ने बताया कि युद्धविराम की घोषणा के साथ ही अब होर्मुज जलडमरूमध्य को नेविगेशन के लिए फिर से खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूएई अब अधिक संसाधनों और गहरी समझ के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल युद्धविराम क्षेत्र को स्थिर करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल गतिविधियों को रोकने के लिए एक व्यापक राजनीतिक समाधान निकालना बेहद जरूरी है।
यूएई रक्षा प्रणाली द्वारा विफल किए गए हमलों के आंकड़े
28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से यूएई की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को रोका है। डॉ. गरगाश और रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार देश की सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत रही है। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| विवरण | कुल संख्या (28 फरवरी से अब तक) |
|---|---|
| रोके गए ड्रोन | 2,191 |
| बैलिस्टिक मिसाइलें | 507 |
| क्रूज मिसाइलें | 24 |
| कुल मौतें (सैनिक और नागरिक) | 12 |
| घायल लोग | 221 |
क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की योजना पर यूएई का रुख
डॉ. गरगाश ने कहा कि ईरान की हरकतों ने क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका और सुरक्षा साझेदारी को और भी मजबूत बना दिया है। यूएई ने 7 अप्रैल को ही 12 बैलिस्टिक मिसाइलों और 19 ड्रोनों को इंटरसेप्ट करके अपनी रक्षा क्षमता का प्रमाण दिया था। सलाहकार ने जोर दिया कि यूएई शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी सीमाओं और सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी समझौते के मूड में नहीं है। आने वाले समय में यूएई अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर काम करेगा।




