ईरान (Iran) की राष्ट्रीय करेंसी रियाल (Rial) में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को ओपन मार्केट में 1 अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की कीमत रिकॉर्ड 15 लाख रियाल तक पहुँच गई है। देश में चल रहे आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण करेंसी की वैल्यू लगातार कम हो रही है, जिससे आम जनता के लिए रोज़मर्रा का सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है।
इस मामले से जुड़ी जानकारी पहले सामने आई थी: दुबई के ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर Anwar Hussain Spin Gul ने 15 साल बाद Big Ticket में जीते Dh50,000, कॉल को समझा था प्रैंक।
करेंसी का ताज़ा भाव क्या है?
करेंसी ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, 27 जनवरी को बाज़ार खुलते ही रियाल ने 1,500,000 का स्तर छू लिया। दिन के समय कुछ जगहों पर यह रेट 1,503,000 रियाल तक भी देखा गया। साल 2025 की शुरुआत से अब तक करेंसी अपनी आधी वैल्यू खो चुकी है।
| रेट का प्रकार | कीमत (प्रति 1 डॉलर) |
|---|---|
| ओपन मार्केट रेट | 1,500,000 रियाल |
| SANA (एक्सचेंज ऑफिस) | 1,460,280 रियाल |
| सेंट्रल बैंक (CBI) रेट | 1,061,595 रियाल |
सरकार ने सब्सिडी पर क्या फैसला लिया?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian की सरकार ने खाने-पीने की चीजों और दवाइयों पर दी जाने वाली ‘सब्सिडी वाले एक्सचेंज रेट’ को खत्म करना शुरू कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे करप्शन रुकेगा, लेकिन इसका सीधा असर महँगाई पर पड़ा है। अनुमान है कि चिकन, अंडे और तेल जैसी ज़रूरी चीजों के दाम 20% से 30% तक बढ़ जाएंगे।
जनता को राहत देने के लिए क्या प्लान है?
महँगाई की मार कम करने के लिए सरकार ने एक नई राहत योजना (Relief Scheme) का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत हर ईरानी नागरिक को महीने में 10 लाख तोमन (Toman) यानी करीब 7 डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक कूपन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे गरीब परिवारों को थोड़ी मदद मिलेगी।
नोटों से जीरो हटाने का क्या है नियम?
गिरती वैल्यू को संभालने के लिए सरकार ने करेंसी रिडोमिनेशन (Currency Redenomination) का कानून बनाया है। इसके तहत 21 मार्च 2026 से नोटों से चार जीरो (0000) हटा दिए जाएंगे। यानी 10,000 रियाल का नोट भविष्य में 1 तोमन के बराबर माना जा सकता है।
विरोध प्रदर्शन के क्या हालात हैं?
रियाल की गिरती कीमत और महँगाई के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। तेहरान के ग्रैंड बाज़ार (Grand Bazaar) में व्यापारियों ने हड़ताल कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर के बाद से अब तक प्रदर्शनों में करीब 36 लोगों की जान गई है और 1200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।




