ईरान में एक भारतीय युवक के फंसे होने का गंभीर मामला सामने आया है। कृष्ण चौहान नाम के युवक को कथित तौर पर एक ईरानी कंपनी ने बंधक बना लिया है। युवक की मां शुभवती देवी ने आरोप लगाया है कि उनका बेटा रोजगार की तलाश में ईरान गया था, लेकिन वहां कंपनी के मालिकों ने उसे भारत लौटने नहीं दिया।
यह मामला अब सोशल मीडिया और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता से उठाया जा रहा है।
मां का आरोप: नौकरी के बहाने फंसाया गया
पीड़ित की मां शुभवती देवी के अनुसार, कृष्ण चौहान बेहतर नौकरी की उम्मीद में ईरान गया था। शुरुआत में सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में कंपनी प्रबंधन ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और अब उसे वापस आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
परिवार का कहना है कि वे लगातार डर और तनाव में हैं।
NCIB ने विदेश मंत्री और MEA से मांगी तत्काल मदद
राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) ने इस मामले को गंभीर मानते हुए इसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया और
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय (MEA) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
NCIB ने इसे संभावित बंधक संकट (Hostage-like Situation) बताया है।
ईरान की बिगड़ती स्थिति भी चिंता का कारण
इस बीच, GulfHindi की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
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सब्सिडी बंद होने से आम जनता पर बोझ बढ़ा है
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देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता बनी हुई है
ऐसे माहौल में विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
पीड़ित से जुड़े संपर्क नंबर
(परिवार द्वारा सार्वजनिक किए गए)
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कंपनी मालिक (ईरान): +989173712503
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कृष्ण चौहान: +91-8922848564
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पीड़ित परिवार (भारत): +91-9984849285
भारत सरकार की एडवाइजरी: ईरान छोड़ने की सलाह
जनवरी 2026 में जारी आधिकारिक सलाह में
भारतीय विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा था कि:
ईरान में जारी अशांति और आर्थिक संकट को देखते हुए सभी भारतीय नागरिक उपलब्ध व्यावसायिक साधनों से देश छोड़ दें।
मदद के लिए क्या करना चाहिए?
पीड़ित परिवार को तुरंत ये कदम उठाने चाहिए:
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विदेश मंत्रालय के MADAD पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
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तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के आपातकालीन नंबर पर संपर्क करें:
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+989128109115
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+989128109109
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वर्तमान स्थिति
विदेश मंत्रालय फिलहाल ईरान में फंसे करीब 10,000 भारतीय नागरिकों की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
कृष्ण चौहान के मामले को विशेष रूप से बंधक संकट मानते हुए दूतावास को अलर्ट कर दिया गया है।




