Iran Oil to China: युद्ध के बीच ईरान ने चीन को भेजा 1 करोड़ 10 लाख बैरल तेल, जानिए क्या है रिपोर्ट
ईरान और चीन के बीच कच्चे तेल का व्यापार लगातार जारी है। 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान ने 1 करोड़ 10 लाख (11 मिलियन) बैरल से ज्यादा कच्चा तेल चीन भेजा है। यह तेल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते भेजा गया है। CNBC और Al Jazeera की रिपोर्ट में शिपिंग डेटा के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। TankerTrackers और Kpler जैसी संस्थाओं ने सैटेलाइट के जरिए इस डेटा की पुष्टि की है।
किस तरह से भेजा जा रहा है तेल
ईरान मुख्य रूप से अपने डार्क फ्लीट (Dark Fleet) का इस्तेमाल कर रहा है। यह ऐसे टैंकर होते हैं जिनके लोकेशन बताने वाले सिस्टम बंद रखे जाते हैं। हाल ही में 9 मार्च को एक बड़ा टैंकर चीन के लिए निकला है। इसके बाद 10 मार्च की एक रिपोर्ट में बताया गया कि एक और टैंकर जिसका नाम Cuma है, करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर चीन रवाना हुआ है। इससे पहले पांच अन्य टैंकर भी एशिया के लिए निकल चुके थे। कुल मिलाकर अब तक भेजा गया तेल 1 करोड़ 10 लाख बैरल के पार चला गया है।
आंकड़े और चीन की निर्भरता
शिपिंग ट्रैकर्स के डेटा के अनुसार इस रूट से जाने वाला 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल चीन पहुंचता है। चीन अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 45 से 50 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से मंगाता है। सैटेलाइट डेटा के जरिए इन सभी टैंकरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अमेरिका द्वारा बैन किए गए जहाजों का इस्तेमाल भी इस व्यापार में किया जा रहा है। गल्फ देशों में रहने वाले और वहां काम करने वाले लोगों के लिए यह जानना अहम है कि इस तरह के बड़े व्यापार से दुनिया भर के तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है।




