Iran War Impact: खाड़ी देशों में खाने-पीने की चीजों का मंडराया संकट, कुवैत और ईरान ने लगाया एक्सपोर्ट पर बैन
ईरान और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे भारी तनाव के कारण खाड़ी देशों में खाने-पीने के सामान की भारी कमी हो सकती है। हाल ही में एक्सपर्ट्स और यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध का सीधा असर राशन और रोजमर्रा की चीजों पर पड़ने लगा है। हालात को देखते हुए ईरान और कुवैत जैसे देशों ने खाने के सामान के एक्सपोर्ट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। Strait of Hormuz से होने वाले ट्रांसपोर्ट में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जिससे फूड सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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कौन से देशों ने लागू किया एक्सपोर्ट बैन का नियम?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि किन देशों ने खाने के सामान को लेकर सख्त कदम उठाए हैं।
- Iran: मार्च 2026 की शुरुआत से खाने और खेती से जुड़े सभी सामानों के एक्सपोर्ट पर पूरी तरह बैन लगा दिया है ताकि वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें।
- Kuwait: 4 मार्च 2026 से जमीन, समुद्र और हवाई रास्तों से होने वाले सभी फूड कमोडिटी के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी है।
- Jordan: जरूरी सामानों के एक्सपोर्ट को सीमित कर दिया है, जिसके लिए अब मिनिस्ट्री की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
- Oman: रमजान और ईद को देखते हुए मार्केट में मीट की सप्लाई बनाए रखने के लिए 239 लाइवस्टॉक इंपोर्ट परमिट जारी किए हैं।
महंगाई और सप्लाई चेन पर क्या पड़ रहा है असर?
तनाव के कारण ट्रांसपोर्ट का खर्च काफी बढ़ गया है। कच्चे तेल (Brent crude) के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं, जिससे हवाई और समुद्री रास्ते से माल ढुलाई महंगी हो गई है। हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है, जिसमें Dubai और Doha जैसे बड़े एयर हब को बीच-बीच में बंद करना पड़ रहा है। इस वजह से ओमान के Port of Salalah पर करीब 21,000 मीट्रिक टन गेहूं फंसा हुआ है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। ईरान में पिछले दो हफ्तों में अंडों के दाम दोगुने हो गए हैं। यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) के अधिकारी Carl Skau के मुताबिक इस संकट से दुनिया भर में 31 करोड़ से ज्यादा लोगों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो सकती है।
राहत की खबर: ओमान निभा रहा है अहम भूमिका
इन मुश्किल हालात में ओमान के पोर्ट एक बड़ी राहत बनकर सामने आए हैं। OPAZ के चेयरमैन H.E. Qais Mohammed Al Yousef ने 10 मार्च 2026 को बताया कि ओमान के इंडस्ट्रियल जोन और सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। चूंकि Strait of Hormuz का रास्ता कमर्शियल जहाजों के लिए लगभग बंद है, इसलिए ओमान के Salalah, Duqm और Sohar पोर्ट रीजनल ट्रेड के लिए काफी मददगार साबित हो रहे हैं। दूसरी ओर लेबनान में हालात गंभीर हैं, जहां 7 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और रमजान के दौरान सहरी (Suhoor) के वक्त खाने की भारी कमी रिपोर्ट की जा रही है।




