Iran War Update: 5वें हफ्ते में पहुंचा युद्ध, Trump ने दी बड़ी चेतावनी, Asian Markets में भारी गिरावट
ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा युद्ध अब पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर गया है। सोमवार 30 मार्च 2026 को आई ताजा रिपोर्टों के अनुसार एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा संसाधनों और तेल ठिकानों पर कड़े हमले की धमकी दी है। इस तनाव के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
Donald Trump की चेतावनी और ईरान का रुख क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा है कि उनकी सरकार ईरान के साथ सैन्य अभियान खत्म करने के लिए चर्चा कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समझौता नहीं हुआ और Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों, तेल के कुओं और Kharg Island को पूरी तरह तबाह कर देगा। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
शेयर बाजार और खाड़ी देशों पर इस युद्ध का क्या असर हुआ?
युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से एशिया के बाजारों पर गहरा असर पड़ा है। निवेशकों के बीच डर का माहौल है जिसके कारण तेल की कीमतें भी प्रभावित हो रही हैं। इसके मुख्य प्रभाव नीचे दिए गए हैं:
| क्षेत्र/देश | मुख्य प्रभाव और घटनाक्रम |
|---|---|
| Asian Markets | जापान का Nikkei 3.97% और दक्षिण कोरिया का Kospi 5% से अधिक गिरा। |
| UAE | ईरान ने जवाबी कार्रवाई में UAE के नागरिकों के रेजिडेंसी परमिट रद्द किए। |
| Spain | स्पेन ने युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया। |
| Energy Crisis | बांग्लादेश में बिजली बचाने के लिए एयर कंडीशनिंग का उपयोग कम करने का आदेश। |
| IAEA Report | इजरायली हमले में ईरान का परमाणु प्लांट क्षतिग्रस्त और बंद हुआ। |
| IRGC Warning | अमेरिकी यूनिवर्सिटी के छात्रों को कैंपस से 1 किलोमीटर दूर रहने की चेतावनी। |
मध्यस्थता की कोशिशें और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
इस संकट को टालने के लिए पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान की इन कूटनीतिक कोशिशों को European Council के अध्यक्ष ने भी अपना समर्थन दिया है। इस बीच ईरान की सेना ने आरोप लगाया है कि कुवैत में पानी साफ करने वाले प्लांट पर हमले के पीछे इजरायल का हाथ है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि फ्लाइट्स के रास्तों और वीज़ा नियमों में बदलाव होने की संभावना बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए नुकसान पर लगातार नजर बनाए हुए है।




