Iran New Leader: इजरायल के निशाने पर आए मुजतबा खामेनेई, तेल की कीमतों में भारी उछाल और सऊदी में अलर्ट जारी
ईरान में सत्ता परिवर्तन के ठीक बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इजरायल अब ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन चला सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने मुजतबा को अपना प्रमुख लक्ष्य माना है। इस खबर के आते ही कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।
मुजतबा खामेनेई के खिलाफ क्या है इजरायल की योजना?
ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 56 वर्षीय मुजतबा खामेनेई को देश का तीसरा सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। वह अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी बने हैं जिनकी मौत हाल ही में एक हमले में हुई थी। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि जो कोई भी शासन की पुरानी नीतियों को आगे बढ़ाएगा, वह उनके निशाने पर रहेगा। इजरायल और अमेरिका इस नियुक्ति को ईरान को अस्थिर करने के मौके के रूप में देख रहे हैं।
- इजरायल का रुख: इजरायली अधिकारियों ने मुजतबा को प्राथमिकता वाला टारगेट बताया है।
- अमेरिकी बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुजतबा की नियुक्ति को एक बड़ी गलती और उन्हें कमजोर नेता करार दिया है।
- हथियारों की आपूर्ति: अमेरिका ने इजरायल के लिए 12,000 बमों की आपातकालीन बिक्री को मंजूरी दी है।
प्रवासियों और तेल की कीमतों पर क्या होगा असर?
इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वहां से हटने का आदेश दिया है। इसका कारण ईरान द्वारा किए जाने वाले संभावित ड्रोन हमले बताए गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ेंगी।
| क्षेत्र | जान गंवाने वालों की संख्या |
|---|---|
| ईरान | 1,200 से अधिक |
| लेबनान | लगभग 400 |
| इजरायल | 11 |
अमेरिका के रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान सैन्य अभियान में नियमों की कोई पाबंदी नहीं रहेगी और वे पूरी शक्ति के साथ हमला करेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावासों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।




