कुवैत शुऐबा पोर्ट पर ईरान का हमला, 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए; सरकार ने जारी किए नए नियम
कुवैत के शुऐबा पोर्ट पर रविवार सुबह ईरान के हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए। यह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष, जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ कहा जा रहा है, में अमेरिकी सैनिकों की पहली मौत है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस बात की पुष्टि की है कि यह हमला ईरान के शुरुआती हमलों की लहर के दौरान हुआ था। इस घटना के बाद कुवैत सरकार ने आम जनता और प्रवासियों के लिए कई नए नियम और चेतावनी जारी की हैं।
घटना की मुख्य बातें और अब तक की जानकारी क्या है?
- यह हमला 1 मार्च, 2026 को सुबह करीब 9:00 बजे स्थानीय समय पर कुवैत के शुऐबा पोर्ट पर बने एक अस्थायी ऑपरेशन सेंटर पर हुआ था।
- शुरुआत में तीन मौतों की खबर थी, लेकिन बाद में दो लापता कर्मियों के शव मिलने के बाद अमेरिकी सैनिकों की कुल मौत का आंकड़ा छह हो गया।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस घटना पर बयान दिए हैं, जिसमें हेगसेथ ने शुऐबा पोर्ट सुविधा को एक “मजबूत सामरिक संचालन केंद्र” बताया, लेकिन कहा कि एक मिसाइल हवाई सुरक्षा को भेदने में कामयाब रही।
- CENTCOM के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत से अब तक 18 अन्य अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर पड़ा है?
इस हमले और क्षेत्र में जारी तनाव के कारण कुवैत में रहने वाले लोगों, खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
- सुरक्षा सलाह: अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी नागरिकों को “अगली सूचना तक” घर के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
- गतिविधि प्रतिबंध: कुवैती आंतरिक मंत्रालय ने समुद्र में सभी मछली पकड़ने और मनोरंजक नावों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, नागरिकों से रेगिस्तानी कैंपिंग यात्राएं और बाहरी समारोह, जिनमें पारंपरिक गर्गियान उत्सव भी शामिल है, रद्द करने का आग्रह किया गया है।
- कानूनी चेतावनी: कुवैती अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि संकट के दौरान जीसीसी या मित्र देशों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए तीन साल की जेल की सजा हो सकती है।
- खाद्य कीमतों पर नियंत्रण: वाणिज्य मंत्रालय ने एक महीने के लिए सभी खाद्य वस्तुओं की कीमतें 28 फरवरी, 2026 से पहले की दरों पर तय कर दी हैं। खाद्य वस्तुओं के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि घरेलू आपूर्ति स्थिर रहे।
- पोर्ट और हवाई अड्डे की स्थिति: शुऐबा पोर्ट ने 2 मार्च से धीरे-धीरे अपना परिचालन फिर से शुरू कर दिया है, लेकिन कंटेनर जहाजों को अस्थायी रूप से शुवैख पोर्ट पर जाने का निर्देश दिया गया है। कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन हमले के बाद मरम्मत का काम चल रहा है।
अधिकारियों ने इस बारे में क्या कहा है?
- कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हमलों की “संप्रभुता का घोर उल्लंघन” बताते हुए औपचारिक रूप से निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत कुवैत के आत्मरक्षा के “पूर्ण और अंतर्निहित अधिकार” की पुष्टि की है।
- कुवैती सरकार ने सभी निवासियों से केवल आधिकारिक राज्य स्रोतों (KUNA) पर निर्भर रहने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कुवैत के वाणिज्य मंत्री ओसामा बूदाई ने स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की है।




