Middle East Flight News: 23,000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल, हवाई किराया 3 लाख के पार
ईरान और उसके आसपास के इलाकों में जारी तनाव की वजह से मिडिल ईस्ट के हवाई यातायात पर गहरा संकट मंडरा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 28 फरवरी के बाद से अब तक 23,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इसका सबसे ज्यादा असर दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े केंद्रों पर पड़ा है जहां से हजारों यात्री हर दिन सफर करते हैं। हवाई किराए में भी 200 से 300 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है जिससे आम यात्रियों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की जेब पर भारी बोझ बढ़ गया है।
फ्लाइट कैंसिलेशन और हवाई किराए का पूरा डेटा
हवाई क्षेत्र में पाबंदियों की वजह से एयरलाइंस को अपने रास्ते बदलने पड़ रहे हैं जिससे ईंधन और इंश्योरेंस का खर्च काफी बढ़ गया है। एयर इंडिया और लुफ्थांसा जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी सेवाएं फिलहाल के लिए स्थगित कर दी हैं। किराए में हुई बढ़ोतरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लंदन से मुंबई का इकोनॉमी टिकट जो सामान्य तौर पर 40 हजार का होता था वह अब 2.9 लाख रुपये के करीब पहुंच गया है।
| एयरपोर्ट / सेक्टर | प्रभाव / नया किराया |
|---|---|
| दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट | 4,000 फ्लाइट्स कैंसिल |
| दोहा हमद इंटरनेशनल | 2,000 फ्लाइट्स कैंसिल |
| अबू धाबी जायद इंटरनेशनल | 1,000 फ्लाइट्स कैंसिल |
| लंदन से मुंबई (Economy) | ₹2.9 लाख तक का किराया |
| लंदन से मुंबई (Business) | ₹9 लाख तक का किराया |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और टूरिज्म पर असर
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय सहित कई अंतरराष्ट्रीय निकायों ने बहरीन, कुवैत, कतर और यूएई के लिए केवल जरूरी यात्रा करने की सलाह दी है। टूरिज्म इकोनॉमिक्स के अनुसार इस तनाव की वजह से मिडिल ईस्ट आने वाले पर्यटकों की संख्या में 27 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। इससे क्षेत्र को 56 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
- जेट फ्यूल की कीमतों में 56 प्रतिशत की तेजी आई है जो अब 3.95 डॉलर प्रति गैलन पर है
- कतर ने केवल कार्गो और इमरजेंसी सेवाओं के लिए अपना एयरस्पेस सीमित रूप से खोला है
- ईरान, इराक और कुवैत का एयरस्पेस कमर्शियल उड़ानों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है
- एयरलाइंस पर ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने से यात्रियों पर फ्यूल सरचार्ज लगाया जा रहा है




