सऊदी अरब ने फंसे हुए इराकी नागरिकों के लिए खोले बॉर्डर और एयरपोर्ट, एम्बेसडर ने दिया धन्यवाद
सऊदी अरब ने क्षेत्रीय विवादों के कारण फंसे हुए इराकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी सरकार ने अपने जमीनी और हवाई बॉर्डर के जरिए इराक जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष निकासी सुविधा शुरू की है। इराक की राजदूत साफिया अल-सुहैल ने 14 मार्च 2026 को सऊदी अरब के इस फैसले का स्वागत किया और सरकार को धन्यवाद कहा है। इस पहल से उन हजारों लोगों को सुरक्षित घर लौटने में मदद मिलेगी जो उड़ानें रद्द होने के कारण कई खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं।
क्या है नई वीज़ा और बॉर्डर सुविधा
- सऊदी अरब ने अरार (Arar) क्रॉसिंग सहित प्रमुख बॉर्डर और एयरपोर्ट्स को 24 घंटे खुला रखने का आदेश दिया है।
- फंसे हुए यात्रियों को अब रियाद में एम्बेसी जाने की जरूरत नहीं है, उन्हें बॉर्डर पर ही डायरेक्ट ट्रांजिट वीज़ा मिल जाएगा।
- यह विशेष वीज़ा केवल निकासी (Evacuation) के लिए दिया जा रहा है, इस पर उमराह या पर्यटन करने की अनुमति नहीं होगी।
- सामान्य वीज़ा की फीस 300 से 500 सऊदी रियाल होती है, लेकिन निकासी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसमें कई तरह की छूट दी जा रही है।
खाड़ी देशों में फंसे यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा
- एयरस्पेस बंद होने के कारण यूएई, कतर, कुवैत और लेबनान में कई इराकी नागरिक फंस गए थे।
- सऊदी अरब ने रियाद और जेद्दा एयरपोर्ट पर आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया है ताकि इन यात्रियों को सुरक्षित इराक भेजा जा सके।
- अब खाड़ी देशों से यात्री सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर पहुंच सकते हैं और वहां से सड़क के रास्ते या विशेष उड़ानों से इराक जा सकते हैं।
- सऊदी क्राउन प्रिंस और इराक के प्रधानमंत्री के बीच 12 मार्च को फोन पर हुई बातचीत के बाद यह अहम कदम उठाया गया है।




