Saudi Arabia और Turkey के बीच बड़ी डील, बिजली के लिए 2 अरब डॉलर का निवेश, लाखों घरों को मिलेगा फायदा
सऊदी अरब और तुर्की ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने मिलकर 3 फरवरी 2026 को रियाद में एक ऐतिहासिक समझौते पर दस्तखत किए हैं। इस समझौते के तहत तुर्की में 5,000 मेगावाट क्षमता वाले रिन्यूएबल एनर्जी यानी सौर और पवन ऊर्जा के प्लांट लगाए जाएंगे। यह डील तब पक्की हुई जब तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन सऊदी अरब के दौरे पर थे। इस प्रोजेक्ट का मकसद प्रदूषण कम करना और सस्ती बिजली पैदा करना है।
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पहले चरण में कहां लगेंगे बिजली प्लांट?
इस बड़े प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 2,000 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 2 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा जो पूरी तरह विदेशी फंडिंग से आएगा। सऊदी अरब की प्रमुख कंपनी ACWA Power इस काम को लीड कर रही है।
पहले चरण के लिए दो मुख्य जगहें चुनी गई हैं:
- शिवास (Sivas): यहां 1,000 मेगावाट का सोलर प्लांट लगेगा।
- करामन (Karaman): यहां भी 1,000 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की एक खास शर्त यह भी है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला 50% सामान और मशीनें स्थानीय यानी तुर्की की ही होनी चाहिए। इससे वहां के लोकल कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
कब शुरू होगा काम और कितनी होगी बिजली की कीमत?
रिसर्च के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य साल 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। पहले चरण का काम 2027 के अंत तक पूरा करने का प्लान है, जबकि पूरा 5,000 मेगावाट का प्रोजेक्ट 2028 या 2029 तक तैयार हो जाएगा। तुर्की की सरकारी कंपनी ने इस बिजली को खरीदने के लिए 25 से 30 साल का एग्रीमेंट किया है।
बिजली की कीमतें भी काफी कम तय की गई हैं:
| स्थान | कीमत (प्रति यूनिट) |
|---|---|
| करामन (Karaman) | लगभग 2.16 सेंट |
| शिवास (Sivas) | लगभग 2.54 सेंट |
यह कीमतें तुर्की में अब तक की सबसे सस्ती रिन्यूएबल एनर्जी दरों में से एक हैं। इस पहले चरण से ही तुर्की के लगभग 21 लाख घरों को साफ और सस्ती बिजली मिल सकेगी।




