Saudi Arabia News: खाड़ी में युद्ध के खतरे के बीच Riyadh बना सुरक्षित ठिकाना, दुबई से लोग 10 घंटे का सफर कर पहुंच रहे सऊदी
खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद अब लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने का मुख्य केंद्र बन गया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी खींचतान की वजह से क्षेत्र के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक या पूरी तरह से बंद कर दिया है। ऐसी स्थिति में रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KKIA) ही एकमात्र ऐसा बड़ा हवाई अड्डा बचा है जहां से उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
ℹ: ईरान पर अमेरिका का महाहमला, खाड़ी देशों में भी गिरी मिसाइलें, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का खतरा।
सऊदी से उड़ानों और किरायों पर क्या है नया अपडेट?
क्षेत्र में जारी तनाव का सीधा असर हवाई यात्रा और जेब पर पड़ रहा है। सऊदी अरब की नेशनल एयरलाइन ‘सउदिया’ (Saudia) ने दुबई, अबू धाबी, दोहा और कुवैत सहित 8 पड़ोसी शहरों के लिए अपनी उड़ानों को 2 मार्च 2026 की रात तक के लिए रोक दिया है। इसके अलावा अन्य जानकारी नीचे दी गई है:
- प्राइवेट जेट का किराया: रियाद से यूरोप जाने वाली चार्टर फ्लाइट्स की मांग इतनी बढ़ गई है कि एक फ्लाइट का किराया 3.50 लाख डॉलर यानी करीब 2.9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- कमर्शियल फ्लाइट्स: युद्ध वाले इलाकों से बचकर निकलने के कारण उड़ानों का समय 2 से 3 घंटे बढ़ गया है, जिससे टिकट की कीमतें भी काफी महंगी हो गई हैं।
- वीजा नियम: अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों सहित 60 से अधिक देशों के नागरिकों को 480 रियाल में ‘वीजा ऑन अराइवल’ दिया जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य बीमा भी शामिल है।
प्रवासियों पर असर और सऊदी सरकार के बड़े फैसले
दुबई और अबू धाबी में रहने वाले अमीर प्रवासी और बड़े अधिकारी अब सड़क के रास्ते रियाद पहुंच रहे हैं। दुबई से रियाद तक पहुंचने में लोगों को 10-10 घंटे तक गाड़ी चलानी पड़ रही है ताकि वे वहां से अपने देश के लिए उड़ान भर सकें। किंग सलमान ने एक विशेष आदेश जारी किया है कि सऊदी के हवाई अड्डों पर फंसे सभी GCC देशों के नागरिकों के रहने और खाने का पूरा खर्च सऊदी सरकार उठाएगी।
सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले 48 घंटों में रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। हालांकि रियाद में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों ने धमाकों की तेज आवाजें सुनी हैं जिससे लोगों में थोड़ी चिंता देखी जा रही है। प्रशासन ने प्रवासियों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है जिससे अवैध रूप से रह रहे लोग अपनी घर वापसी की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर सकें।




