संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने 20 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ‘Board of Peace’ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार किया है। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। यह नया अंतरराष्ट्रीय संगठन Gaza के युद्ध के बाद के प्रबंधन और दुनिया भर में शांति बनाने का काम करेगा। इस बोर्ड में स्थायी सदस्य बनने के लिए $1 अरब की फीस रखी गई है। UAE का कहना है कि यह कदम फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को पूरा करने वाले Donald J. Trump की 20-सूत्रीय Gaza शांति योजना के समर्थन में है।
‘Board of Peace’ क्या है और इसका मकसद क्या है?
‘Board of Peace’ का मुख्य मकसद Gaza में युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण पर नज़र रखना है। हालांकि, इसके चार्टर से पता चलता है कि इसकी भूमिका सिर्फ Gaza तक सीमित नहीं है। यह संगठन संयुक्त राष्ट्र (United Nations) को चुनौती दे सकता है और वैश्विक शांति प्रयासों में शामिल हो सकता है। इसे UN Security Council का 2027 तक का जनादेश मिला है। यह बोर्ड Gaza में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका समर्थित शांति योजना के दूसरे चरण का एक अहम हिस्सा है, जो पिछले साल 10 अक्टूबर को लागू हुई थी।
इस बोर्ड में कौन-कौन शामिल होगा और कितनी है फीस?
Donald Trump इस बोर्ड के जीवन भर के लिए अध्यक्ष होंगे। इसकी कार्यकारी समिति में Jared Kushner, Marco Rubio और Tony Blair जैसे प्रमुख लोग शामिल हैं। एक अलग Gaza कार्यकारी बोर्ड भी बनाया गया है जिसमें UAE, US, Turkey और Qatar शामिल हैं। अब तक 20 से ज़्यादा देशों ने इसकी सदस्यता स्वीकार की है, जिनमें Saudi Arabia, Egypt, Turkey, Hungary, Belarus और Israel भी शामिल हैं। लगभग 60 देशों को इसका निमंत्रण भेजा गया था और Davos में एक हस्ताक्षर समारोह की योजना बनाई गई है। बोर्ड में स्थायी सदस्य बनने के लिए $1 अरब की फीस तय की गई है। सदस्य देश तीन साल से ज़्यादा समय तक सेवा नहीं देंगे, लेकिन अगर वे पहले साल में $1 अरब से ज़्यादा नकद राशि का योगदान करते हैं, तो तीन साल की समय-सीमा उन पर लागू नहीं होगी।
UAE ने यह निमंत्रण क्यों स्वीकार किया?
UAE के विदेश मंत्री Abdullah bin Zayed ने बताया कि UAE का यह फैसला President Donald J. Trump की 20-सूत्रीय Gaza शांति योजना को पूरी तरह से लागू करने के महत्व को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को साकार करने के लिए बेहद ज़रूरी है। तेल-संपन्न UAE क्षेत्र में अमेरिका का एक खास सहयोगी है और उन कुछ अरब देशों में से एक है जिनके Israel के साथ आधिकारिक संबंध हैं। UAE ने Donald Trump के पहले कार्यकाल में 2020 में Abraham Accords पर हस्ताक्षर किए थे। Gaza युद्ध और फिलिस्तीनियों पर उसके मानवीय परिणामों के बाद भी, UAE ने Gaza पट्टी को सहायता देना जारी रखा है, जिसमें युद्ध के दौरान जब Israel ने ज़मीन से प्रवेश सीमित कर दिया था तब हवाई मदद भी शामिल थी।
क्या इस बोर्ड से जुड़े कोई विवाद भी हैं?
हाँ, ‘Board of Peace’ को लेकर कुछ विवाद भी सामने आए हैं। कुछ नेताओं जैसे Putin और Orbán को इसमें शामिल करने को लेकर इसकी आलोचना की गई है। France के Macron ने संयुक्त राष्ट्र की चिंताओं का हवाला देते हुए इस बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद Trump ने टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। कुछ देशों को इस बोर्ड में शामिल होने के लिए अपनी संसद की मंज़ूरी की भी ज़रूरत होगी।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल किसी भी तरह की वित्तीय सलाह नहीं देता है। किसी भी निवेश या वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
Last Updated: 22 January 2026




