ईरान के हमले में बिहार के इंजीनियर की मौत, अमेरिकी तेल टैंकर पर तैनात थे भागलपुर के देवनंदन
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बिहार के भागलपुर जिले के लिए एक दुखद खबर आई है। ईरान की सेना (IRGC) द्वारा एक अमेरिकी तेल टैंकर पर किए गए हमले में भागलपुर के मरीन इंजीनियर देवनंदन की मौत हो गई। यह घटना 11 मार्च 2026 को इराक के समुद्री क्षेत्र के पास हुई, जब देवनंदन जहाज पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय अब उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।
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हमले और घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी
देवनंदन भागलपुर के सनहौला ब्लॉक के रहने वाले थे और Safe Sea Vishnu नामक अमेरिकी तेल टैंकर पर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। 11 मार्च को इराक के खोर अल जुबैर पोर्ट के पास ईरानी सुसाइड बोट ने इस जहाज को निशाना बनाया। भारतीय दूतावास ने 12 मार्च को आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि की है। जहाज पर हमले के समय कुल 28 लोग मौजूद थे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतक का नाम | देवनंदन (मरीन इंजीनियर) |
| गृह जिला | भागलपुर, बिहार |
| जहाज का नाम | Safe Sea Vishnu (U.S. Tanker) |
| हमले की तारीख | 11 मार्च 2026 |
| बचाए गए भारतीय | 15 क्रू मेंबर्स |
| क्रूड ऑयल की कीमत | 100 डॉलर प्रति बैरल |
परिवार को दी गई सूचना और मौजूदा स्थिति
देवनंदन के परिवार को इस घटना की जानकारी 12 मार्च को दी गई जिसके बाद से घर में मातम छाया हुआ है। उन्होंने अपनी आखिरी बातचीत में परिवार से कहा था कि वह समुद्र में हैं और अपनी ड्यूटी पर जा रहे हैं। हमले के बाद जहाज पर मौजूद 15 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें इराक के बसरा में एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
- भारतीय विदेश मंत्रालय इराकी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।
- ईरानी सेना का दावा है कि टैंकर ने चेतावनी का पालन नहीं किया था।
- इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
- शिपिंग कंपनी और दूतावास शव को बिहार भेजने की कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं।




