Iran War Update: ईरान ने पाकिस्तान को दी नई गारंटी, ट्रंप ने मंगलवार तक दी आखिरी चेतावनी.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान के जरिए बड़ी कोशिशें हो रही हैं. ईरान ने पाकिस्तान को एक खास चिट्ठी भेजी है जिसमें जंग को रोकने के लिए कुछ नई गारंटी देने की बात कही गई है. पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर मंगलवार तक कोई फैसला नहीं हुआ तो नतीजे गंभीर होंगे और तेल के ठिकानों पर हमले किए जा सकते हैं.
ईरान ने शांति प्रस्ताव में क्या मांगें रखी हैं?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने कहा है कि वे युद्ध खत्म करना चाहते हैं. हालांकि वे केवल कुछ दिनों का संघर्षविराम नहीं बल्कि युद्ध का स्थायी अंत चाहते हैं. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है. इसमें मांग की गई है कि भविष्य में उन पर हमले नहीं होंगे और उन पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाए. साथ ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रास्ते की गारंटी भी मांगी गई है. ईरान का कहना है कि उन्हें अमेरिका की तरफ से ठोस आश्वासन चाहिए तभी वे पीछे हटेंगे.
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप की चेतावनी के बीच क्या है ताजा स्थिति?
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर लगातार ईरान और अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं. पाकिस्तान ने दोनों देशों को एक शांति योजना दी है जिसे ट्रंप ने भी स्वीकार किया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान 15 सूत्रीय योजना की ज्यादातर बातों पर सहमत है. शांति वार्ता के बीच कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:
- पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में बातचीत के लिए जगह की पेशकश की है.
- ईरान ने अस्थाई शांति के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और पक्की गारंटी मांगी है.
- 7 अप्रैल यानी मंगलवार तक समझौता न होने पर अमेरिका ने बुनियादी ढांचे पर बड़े हमलों की धमकी दी है.
- तेहरान और इसराइल के हाइफा में सोमवार को भी ताज़ा हवाई हमले रिपोर्ट किए गए हैं.
गल्फ देशों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देश भी इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर यह युद्ध खत्म होता है तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए बड़ी राहत होगी. युद्ध की वजह से उड़ानों के रूट और ज़रूरी चीज़ों की कीमतों पर असर पड़ रहा है. सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच भी इस मुद्दे पर हाल ही में चर्चा हुई है ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके. चीन भी इस समय हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और युद्ध खत्म करने का समर्थन कर रहा है.




