अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई न करने के अपने फैसले को लेकर स्थिति साफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर हमला रोकने के लिए उन्हें किसी और ने नहीं मनाया, बल्कि उन्होंने खुद यह फैसला लिया है। राष्ट्रपति के मुताबिक, जब ईरान ने सैकड़ों लोगों की फांसी की सजा को रद्द कर दिया, तो उन्होंने अपना मन बदल लिया। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर भी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है।
ईरान पर हमले का फैसला और फांसी की सजा
राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें ईरान पर हमला करने से रोकने के लिए किसी क्षेत्रीय नेता या अधिकारी ने राजी नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने खुद को मनाया है।” ट्रंप ने बताया कि ईरान द्वारा 800 से अधिक लोगों की निर्धारित फांसी को रद्द करना एक बड़ा कारण था। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के इस कदम की सराहना की और इसे संयम बरतने की मुख्य वजह बताया। इससे पहले माना जा रहा था कि अमेरिका, ईरान पर एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करने की तैयारी में था।
खाड़ी देशों की कूटनीतिक कोशिशें
भले ही राष्ट्रपति ट्रंप हमले को रोकने का श्रेय खुद ले रहे हों, लेकिन अन्य रिपोर्ट कुछ और इशारा करती हैं। खाड़ी देशों के अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब, कतर और ओमान ने वाशिंगटन पर हमला न करने के लिए भारी कूटनीतिक दबाव बनाया था। इन देशों ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान होगा। इन देशों ने अमेरिका और ईरान दोनों को संदेश भेजा था कि किसी भी तरह का तनाव तेहरान के उसके पड़ोसियों के साथ रिश्तों और क्षेत्रीय स्थिरता को खराब कर सकता है।
अमेरिका की दोहरी रणनीति और प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ईरान के मामले में एक मिश्रित दृष्टिकोण अपना रहा है। एक तरफ जहां तत्काल सैन्य हमले रोके गए हैं और तनाव कम करने के संकेत दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक दबाव भी बनाया जा रहा है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और वित्तीय नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रशासन ने आरोप लगाया है कि ये अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई में शामिल थे। इसे अमेरिका के “मैक्सिमम प्रेशर” (अधिकतम दबाव) अभियान का हिस्सा बताया गया है।
ग्रीनलैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
ईरान के अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर भी एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगर हमें ग्रीनलैंड नहीं मिलता है, तो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा में एक बहुत बड़ा अंतर (गैप) रह जाएगा।” यह बयान उनकी उस पुरानी नीति का हिस्सा लगता है, जिसमें उन्होंने अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जताई थी। ट्रंप पहले भी सुझाव दे चुके हैं कि अमेरिका बलपूर्वक या खरीद के जरिए ग्रीनलैंड को ले सकता है, जिसे वे अपनी विदेश नीति के लिए अहम मानते हैं।
घटनाक्रम का संक्षिप्त विवरण
नीचे दी गई तालिका में इस पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग दावों को संक्षेप में समझाया गया है:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| ट्रंप का दावा | हमला इसलिए रोका क्योंकि ईरान ने 800 फांसी की सजाएं रद्द कर दीं। |
| विपरीत रिपोर्ट | सऊदी अरब, कतर और ओमान ने युद्ध के खिलाफ अमेरिका को लॉबी किया। |
| अमेरिकी कार्रवाई | सैन्य हमला रोका, लेकिन अधिकारियों पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए। |
| ग्रीनलैंड मुद्दा | ट्रंप ने कहा ग्रीनलैंड के बिना अमेरिकी सुरक्षा अधूरी है। |
Last Updated: 17 January 2026





