UAE Consulate Attack: इराक के प्रधानमंत्री ने UAE राष्ट्रपति को किया फोन, दूतावास पर हमले के बाद खाड़ी देशों में अलर्ट
UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुडानी के बीच फोन पर जरूरी बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रहे लगातार हमलों और उनकी वजह से सुरक्षा पर पड़ने वाले असर पर चर्चा की। हाल ही में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मौजूद UAE के वाणिज्य दूतावास (Consulate) पर एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार ड्रोन हमला हुआ है। इराक के प्रधानमंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया।
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हमले का नुकसान और सुरक्षा के नए नियम
बीते कुछ समय से ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। 28 फरवरी 2026 से लेकर 15 मार्च तक UAE के एयर डिफेंस ने 262 बैलिस्टिक मिसाइल और 1475 ईरानी ड्रोन को डिटेक्ट किया है। वाणिज्य दूतावास पर हुए ताजा हमले में दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। इन लगातार हमलों के कारण अब तक कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी और अमीराती नागरिक शामिल हैं, जबकि 122 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इन हालातों को देखते हुए UAE के गृह मंत्रालय ने आम जनता के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
- अलर्ट सिस्टम: खतरे के समय मोबाइल फोन पर अरबी और अंग्रेजी भाषा में सायरन के जरिए अलर्ट भेजा जा रहा है।
- सुरक्षित स्थान: सायरन बजने पर लोगों को इमारत के बीच वाले हिस्से में जाने और लिफ्ट, खिड़की, दरवाजे या शीशे से दूर रहने को कहा गया है।
- वीडियो बनाने पर रोक: मिसाइल रोके जाने या मलबा गिरने का वीडियो बनाना और उसे शेयर करना अब गैरकानूनी है।
आर्थिक असर और बंदरगाहों पर अलर्ट
सुरक्षा के इन हालातों का असर सीधे तौर पर समुद्री व्यापार और हवाई सफर पर पड़ा है। फारस की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों का वॉर रिस्क इंश्योरेंस चार से पांच गुना तक बढ़ गया है। 200 मिलियन डॉलर वाले जहाजों का इंश्योरेंस प्रीमियम अब करीब 7.5 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा, ईरान ने आम नागरिकों को UAE के बड़े बंदरगाहों जैसे Jebel Ali, Khalifa Port और Fujairah से दूर रहने की चेतावनी जारी की है।
हवाई यात्रा करने वालों पर भी इसका बड़ा असर पड़ रहा है। Emirates, Etihad और flydubai जैसी एयरलाइंस ने क्षेत्रीय हवाई प्रतिबंधों के कारण अपनी उड़ानों का शेड्यूल कम कर दिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइंस बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के टिकट रीबुक करने का विकल्प दे रही हैं। कॉरपोरेट ट्रैवल में भी ‘वॉर रिस्क’ सरचार्ज मार्च की शुरुआत से दोगुना हो गया है।




