US और Israel का ईरान पर बड़ा हमला, सर्वोच्च नेता Khamenei की मौत और खाड़ी देशों का एयरस्पेस बंद
अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है जिसे Operation Epic Fury का नाम दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ईरान को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी लेकिन बात न मानने पर यह फैसला लिया गया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei के मारे जाने की पुष्टि हुई है जिसके बाद ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है।
🚨: इजराइल पर ईरान का मिसाइल हमला, तेल अवीव में एक महिला की मौत और 1800 उड़ानें रद्द।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा पर क्या असर हुआ?
इस सैन्य हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व के हालात बिगड़ गए हैं। सुरक्षा को देखते हुए ईरान, इराक, इजरायल, सीरिया, कुवैत और UAE के ऊपर का हवाई क्षेत्र यानी एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसका सीधा असर भारत और खाड़ी देशों के बीच चलने वाली फ्लाइट्स पर पड़ा है। एयर इंडिया और लुफ्थांसा जैसी बड़ी कंपनियों ने 2 मार्च तक अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। जो लोग इन देशों में काम करते हैं या यात्रा की योजना बना रहे थे उनके लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान का विवरण
अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के 30 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें ईरान के मिसाइल भंडार और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े केंद्र शामिल हैं। ईरान की ओर से भी जवाबी हमला किया गया है जिसमें सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागी गई हैं। इस युद्ध की वजह से क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री रास्तों पर भी संकट आ गया है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| प्रभावित एयरस्पेस | UAE, कुवैत, ईरान, इराक, इजरायल |
| प्रमुख हताहत | सर्वोच्च नेता Khamenei और IRGC कमांडर |
| जमीनी असर | 201 मौतें और 700 से ज्यादा घायल |
| उड़ानें | 2 मार्च तक क्षेत्रीय फ्लाइट्स रद्द |
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला तब तक जारी रह सकता है जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। फिलहाल Strait of Hormuz से जहाजों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है जिससे तेल की सप्लाई और व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है।




