खाड़ी देशों में फंसे भागलपुर और बांका के लोग, मिसाइल हमलों के बीच घर लौटने की मची होड़
खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण बिहार के भागलपुर और बांका जिले के दर्जनों लोग वहां फंस गए हैं। कतर, सऊदी अरब, कुवैत, दुबई, ओमान और बहरीन में काम करने वाले लोग मिसाइल और ड्रोन हमलों के डर से सहमे हुए हैं। फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए इस संघर्ष ने वहां रह रहे भारतीय कामगारों और यहां उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। कई लोग अब जल्द से जल्द अपने वतन वापस लौटना चाहते हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
ईरान और अन्य देशों के बीच चल रहे इस तनाव को देखते हुए बिहार सरकार ने 2 मार्च 2026 को फंसे हुए श्रमिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए एक आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी एडवाइजरी जारी की है। 28 फरवरी और 1 मार्च के बीच हुए हमलों के बाद कई एयरलाइंस जैसे Air India और IndiGo ने अपनी उड़ानें रोक दी थीं।
ताजा जानकारी के मुताबिक, 6 और 7 मार्च से विशेष उड़ानों के जरिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी शुरू हो गई है। यूएई में एयर डिफेंस ने कई मिसाइलों को रोका है, लेकिन कुछ मलबे गिरने से नुकसान की खबरें भी आई हैं, जिसमें एक भारतीय के घायल होने की सूचना है।
वहां रह रहे लोगों ने बताई आपबीती
वहां काम कर रहे बिहार के लोगों ने फोन पर अपने डर के बारे में बताया है। हालात को देखते हुए कई कंपनियों ने कामगारों को घर से काम (Work from Home) करने की सलाह दी है। जमीन पर मौजूद लोगों ने जो हालात बताए हैं, वह चिंताजनक हैं:
- नूर आलम (कुवैत): रात में धमाकों की तेज आवाज़ आती है जिससे लोग दहशत में हैं और सो नहीं पा रहे।
- मुहमद मुनव्वर (सऊदी अरब): मिसाइल हमलों ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है, वे जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते हैं।
- तारिक (दरभंगा): उनके ऑफिस से महज 300 मीटर की दूरी पर मिसाइल का मलबा गिरा, जिसके बाद कंपनी ने सावधानी बरतने को कहा।
- अब्दुल्ला (दुबई): उन्होंने अपनी आंखों के सामने रिहायशी इलाके के पास इंटरसेप्ट किए गए मिसाइल का मलबा गिरते देखा, जो उनके लिए युद्ध जैसा पहला अनुभव था।
- मुहमद शब्बीर आलम (शारजाह): अभी हालात काबू में हैं लेकिन क्षेत्रीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।





