हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो टैंकरों पर हमला, 14 भारतीय सुरक्षित लेकिन 153 नाविक अभी भी खतरे में

गुरुवार, 18 सितंबर 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक बड़ी घटना सामने आई, जहां भारतीय क्रू मेंबर को ले जा रहे दो विदेशी जहाजों को निशाना बनाया गया। इस खतरनाक हमले के बाद गल्फ क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों और उनके परिवारों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। डायरेक्टरेट ऑफ़ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पनामा के झंडे वाले क्रूड टैंकर MT Basrah Energy पर हमला किया गया, जिसमें कुल 22 लोग सवार थे और इनमें से 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। राहत की बात यह रही कि फुजैरह एंकरेज पहुंचने के बाद जहाज और सभी भारतीय सुरक्षित हैं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
ओमान के पास ड्रोन हमला और खतरे में फंसे नाविक
दूसरी घटना में ओमान के खासब पोर्ट के पास टोगो के झंडे वाले ऑयल-प्रोडक्ट टैंकर Trend को एक ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद से जहाजों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि खासब पोर्ट पर पहले भी भारतीय क्रू मेंबर के लिए evacuations हो चुकी हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस समय 153 भारतीय नाविक हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में कुल 6 भारतीय झंडे वाले और 8 विदेशी जहाजों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से 10 जहाजों को इमरजेंसी निकासी के लिए चिन्हित कर लिया गया है। ये नाविक रेटिंग, ऑइलर, कुक और इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं और केरल, बिहार, तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के अपने परिवारों का पेट पालते हैं।
पहले की घटनाएं और लापता नाविक की तलाश
इन ताजा हमलों से कुछ समय पहले पनामा के टैंकर MT El Gaia पर भी ओमान के पास हमला हुआ था, जिसमें 13 भारतीय सुरक्षित बचा लिए गए थे लेकिन बिहार के वैशाली और मुजफ्फरपुर के रहने वाले सुमित कुमार सिंह अभी भी लापता हैं। ईरान के IRGC ने दावा किया था कि जहाज खदान से टकराया था, जबकि अमेरिका ने इसे मिसाइल या ड्रोन हमला बताया था। इस महीने की शुरुआत में मनीकंट्रोल और एनडीटीवी प्रॉफिट जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक 173 भारतीय पश्चिम जलडमरूमध्य में फंसे थे, जिनमें Riesco, Horizon 1 और Mersin Prosperity जैसे जहाज शामिल थे। इन पुरानी घटनाओं में कई भारतीयों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं।
गल्फ में भारतीय आबादी और वैकल्पिक रास्ते
मार्च 2026 के विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गल्फ देशों में भारतीयों की संख्या बहुत बड़ी है, जिसमें यूएई में 43.26 लाख, सऊदी अरब में 27.48 लाख, कतर में 8.29 लाख, ओमान में 6.75 लाख, बहरीन में 3.15 लाख और यमन में 0.04 लाख भारतीय रहते हैं। क्षेत्रीय तनाव और ईरान तथा अमेरिका के बीच जून के अंतरिम समझौते के टूटने के बावजूद, कंपनियां सोहर और ओमान के पास शिप-टू-शिप ट्रांसफर का सहारा लेकर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से बचने की कोशिश कर रही हैं।