Dubai: दुबई के ज़ाबेल पार्क में 3,000 भारतीयों ने दौड़े, विकसित भारत का संकल्प लिया

दुबई के प्रसिद्ध Zabeel Park में रविवार की सुबह एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जहां करीब 3,000 भारतीय प्रवासी एकजुट हुए। मौका था दूसरे संस्करण के 'Viksit Bharat Run' का, जिसमें हिस्सा लेने के लिए लोग सुबह-सुबह ही पार्क पहुंच गए थे। इस फिटनेस इवेंट को पूरी तरह से गैर-प्रतिस्पर्धी रखा गया था, ताकि हर उम्र के लोग इसमें खुलकर हिस्सा ले सकें। इस शानदार आयोजन को Indian People’s Forum (IPF) ने Consulate General of India के साथ मिलकर आयोजित किया था, जिसे भारतीय कंसुल जनरल Dr. E. Vishnu Vardhan Reddy ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने को बढ़ावा देना है, जिसमें साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रवासियों की एकता और सेवा पakhwada का संदेश
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में लगभग 43 लाख भारतीय रहते हैं और पूरे खाड़ी देशों यानी GCC में इनकी संख्या लगभग एक करोड़ के आसपास है। इस कार्यक्रम के दौरान IPF के अध्यक्ष Jitendra Vaidya ने बताया कि यह दौड़ सिर्फ एक फिटनेस कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के प्रति हमारी एकता और पक्के इरादे को दिखाने का एक बड़ा जरिया है। यह पूरा आयोजन 'Seva Pakhwada' के तहत किया गया। आपको बता दें कि यह सेवा पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन यानी 17 September से शुरू होकर गांधी जयंती यानी 2 October तक मनाया जाता है। इस सेवा पखवाड़े के दौरान भारतीय कंसिलेट ने पिछले महीने की 21 September को एक खास कानूनी परामर्श शिविर भी लगाया था। इस कैंप में प्रवासियों को साइबर क्राइम, बैंकिंग धोखाधड़ी और एमिरेट्स आईडी के गलत इस्तेमाल जैसी जरूरी बातों पर कानूनी सलाह दी गई थी।
कूटनीतिक बैठकें और खाड़ी देशों में भारतीय श्रमिकों की स्थिति
इस खेलकूद और सामुदायिक कार्यक्रमों के अलावा कूटनीतिक स्तर पर भी कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में न्यूयार्क में 26 September को एक मंत्री स्तर की बैठक हुई थी। इस बैठक में GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने भारत और खाड़ी देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों पर चर्चा की। इस दौरान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA और ऊर्जा सहयोग को लेकर भी बातचीत हुई। महासचिव ने इस बात का भी जिक्र किया कि क्षेत्रीय अस्थिरता की वजह से कैसी परेशानियां आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से 28 February 2026 से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाधित होने का मुद्दा उठाया, जिसका सीधा असर वहां काम करने वाले भारतीय समुद्री श्रमिकों पर पड़ा है।
दूसरी तरफ, एक तरफ जहां समुदाय के लोग ऐसे आयोजनों के जरिए अपनी ताकत और एकता दिखाते हैं, वहीं श्रम वकालत करने वाले समूह लगातार खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मजदूरों की दिक्कतों को भी सामने ला रहे हैं। इन समस्याओं में पासपोर्ट रोक लेना, समय पर वेतन न मिलना, स्पॉन्सर द्वारा जुर्माना लगाना और मेडिकल इमरजेंसी जैसी परेशानियां आज भी बनी हुई हैं। हालांकि इन सब के बीच कूटनीतिक प्रयास भी लगातार जारी हैं। आने वाले दिनों में खाड़ी के दूसरे देशों में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है, जिसमें कुवैत में होने वाली गांधी जयंती दौड़ भी शामिल है। इस पूरी रिपोर्ट की जानकारी Gulf News के 27 September 2026 के प्रकाशन, दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास और IPF UAE के आधिकारिक नोटिसों से ली गई है।