Dubai में बड़ा हादसा, कार के अंदर मिला भारतीय प्रवासी का शव, दिल का दौरा पड़ने की आशंका

दुबई से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जहाँ केरल के रहने वाले एक 32 साल के भारतीय प्रवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान T.V. Firoz के रूप में हुई है जो मूल रूप से केरल के कासरगोड जिले के कंझांगड स्थित चिथारी मीथल के रहने वाले थे। शुक्रवार, 19 September 2026 को उनका शव दुबई में उनकी ही कार के अंदर से बरामद किया गया, जिसके बाद से उनके परिवार और जानकारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ इस दर्दनाक हादसे का खुलासा
मिली जानकारी के अनुसार फिरोज दुबई में अपने भाइयों Ashraf और Jainuddin के साथ मिलकर एक सुपरमार्केट का कामकाज संभालते थे। वह रोज की तरह शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे जुमे की नमाज अदा करने के लिए अपने घर से निकले थे। जब वह तय समय पर वापस घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी ढूंढने के बाद उनका वाहन उनके सुपरमार्केट के पीछे बने पार्किंग एरिया में खड़ा हुआ मिला। जब परिवार के लोगों ने गाड़ी के पास जाकर देखा तो वह ड्राइवर की सीट पर अचेत अवस्था में पाए गए। इसके बाद रिश्तेदारों ने घबराकर कार की खिड़की तोड़ी और उन्हें बाहर निकाला। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना बताई जा रही है, हालांकि दुबई के स्थानीय अधिकारियों की तरफ से आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
प्रवासी भारतीयों के लिए भारतीय मिशन की मदद और नियम
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय कामगारों और प्रवासियों की मदद के लिए भारतीय दूतावास और मज़दूर संगठन लगातार सक्रिय रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए भारतीय नागरिक दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +971 50 734 7676 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के नंबर 800 46342 या व्हाट्सएप नंबर +971 54 309 0571 पर भी मदद मांगी जा सकती है। संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के लेबर कानून के तहत UAE Federal Decree Law No. 33 of 2021, Article 15(3) के अनुसार यह नियम बनाया गया है कि यदि किसी कर्मचारी की काम के दौरान या देश में मृत्यु हो जाती है, तो उसके शव को उसके गृह देश यानी स्वदेश वापस भेजने का पूरा खर्च कंपनी या मालिक को ही उठाना पड़ता है।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य देशों में भारतीय प्रवासियों की स्थिति
हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में चल रहे क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा संकट का असर भी आम भारतीय नागरिकों पर पड़ा है। सऊदी अरब के विभिन्न शहरों जैसे कि खमीस मुशैत, आभा, ताइफ और जाज़ान में हाउथी विद्रोहियों द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों की चपेट में कुछ भारतीय नागरिक भी घायल हो गए थे, जिनका हालचाल जानने के लिए कौंसल जनरल Fahad Ahmed Khan Suri जेद्दा के Dr. Soliman Fakeeh Hospital पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। वहीं दूसरी तरफ बहरीन में हैदराबाद के रहने वाले एक सुरक्षा गार्ड Rajesh Korapu बोन कैंसर यानी हड्डियों के कैंसर से जूझ रहे थे और सलमानिया मेडिकल कॉम्प्लेक्स में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें भारत वापस भेजने के लिए 'होप टीम' ने BD 1,060 की आर्थिक मदद जुटाई और उनके मालिक ने यात्रा का पूरा खर्च उठाया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस भेज दिया गया।
मध्यपूर्व में भारतीय मौतों के आंकड़े
संसद में पेश की गई रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2026 के दौरान मध्य पूर्व के संघर्ष क्षेत्रों में कुल 16 भारतीयों की जान जा चुकी है। इनमें ओमान में 8, यूएई में 4 और कतर में गैस प्लांट में हुए एक हादसे के दौरान 12 लोगों की मौत शामिल है। इसके अलावा हालिया आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 के बीच खाड़ी देशों में काम के दौरान होने वाली कुल मौतों में भारतीय प्रवासियों का आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक है, जहां औसतन हर हफ्ते करीब 3 मौतें दर्ज की जाती हैं। हालांकि इन सरकारी और आधिकारिक आंकड़ों में अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी या दिल का दौरा पड़ने जैसी घटनाएं आमतौर पर शामिल नहीं होती हैं।